अपराधछत्तीसगढ़

सोने की चमक के पीछे धोखा: सस्ते दाम पर ‘खजाना’ बेचने वाला गिरोह गिरफ्तार, 1.2 किलो नकली गोल्ड बरामद

दुर्ग/भिलाई। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में पुलिस ने नकली सोना बेचकर लोगों से ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में मास्टरमाइंड सहित कुल 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी ग्रामीण इलाकों में “जमीन में दबे खजाने” की कहानी सुनाकर लोगों को फंसाते थे और फिर कम कीमत में नकली सोना बेच देते थे।

कैसे देते थे वारदात को अंजाम

पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी पहले लोगों से भरोसा जीतते थे और उन्हें बताते थे कि उन्हें जमीन खोदते समय सोने के बिस्किट और पुराने सिक्के मिले हैं। इसके बाद वे इन्हें बाजार कीमत से आधे दाम पर बेचने का लालच देकर ठगी करते थे।

कम कीमत और ज्यादा मुनाफे के झांसे में आकर कई लोग इनके जाल में फंस जाते थे।

एक पीड़ित से 10 हजार की ठगी

पीड़ित जीतेंद्र साहू, निवासी बोरसी, को आरोपियों ने पहले 10 हजार रुपये में नकली सोना बेच दिया था। इसके बाद उन्होंने दावा किया कि उनके पास और भी “खजाना” है, जिसे वे सस्ते दाम पर बेच सकते हैं। शक होने पर पीड़ित ने पुलिस को सूचना दी।

घेराबंदी कर 5 आरोपी गिरफ्तार

सूचना के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान इस प्रकार है—

  • दिनेश कुमार टंडन (50)
  • पन्नालाल कुर्रे (42)
  • गणेशराम गंधर्व (56)
  • रामस्वरूप रौतेल (30)
  • भानुप्रताप डहरिया (40)

इनमें से कुछ आरोपी छत्तीसगढ़ के अलग-अलग जिलों के रहने वाले हैं, जबकि एक आरोपी मध्यप्रदेश के डिंडोरी का निवासी है।

भारी मात्रा में नकली सोना बरामद

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लगभग 1 किलो 242 ग्राम सोने जैसे दिखने वाले नकली बिस्किट, एक नकली सिक्का, मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल की गई कार भी जब्त की है।

खुद बनाते थे नकली सोना

जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी विभिन्न धातुओं को मिलाकर सोने जैसे दिखने वाले बिस्किट खुद ही तैयार करते थे और फिर उन्हें असली सोना बताकर बेचते थे।

पहले भी कर चुके हैं ठगी

पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी पन्नालाल पहले भी इसी तरह की ठगी के मामलों में शामिल रह चुका है। अन्य आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है।

लैब में होगी जांच

एएसपी ग्रामीण मणिशंकर चंद्रा ने बताया कि बरामद नकली सोने को फॉरेंसिक लैब भेजा जाएगा, जिससे यह पता लगाया जा सके कि इसमें किन धातुओं का उपयोग किया गया है।

पुलिस अब इस गिरोह के अन्य संभावित नेटवर्क और पीड़ितों की भी जांच कर रही है।

IMG 20250811 172353
Manish Tiwari

Show More

Related Articles

Back to top button