
नई दिल्ली, 25 मई 2026// सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुई ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) अब कानूनी विवादों में घिर गई है। इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर CJP से जुड़े लोगों के खिलाफ स्वतंत्र CBI जांच और FIR दर्ज करने की मांग की गई है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि कुछ व्यक्तियों ने फर्जी लॉ डिग्री, गलत पहचान और सुप्रीम कोर्ट की संस्थागत छवि का दुरुपयोग किया।
याचिकाकर्ता का कहना है कि संबंधित लोगों ने खुद को वकील और कानूनी विशेषज्ञ बताकर आम लोगों को भ्रमित किया, जिससे न्यायपालिका की विश्वसनीयता प्रभावित हुई। अदालत से कथित फर्जी दस्तावेजों और संभावित आपराधिक साजिश की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई है।
सोशल मीडिया विवाद के बाद बढ़ा मामला
यह विवाद उस समय और गहरा गया जब न्यायपालिका और संस्थाओं पर हमलों को लेकर चीफ जस्टिस सूर्यकांत की टिप्पणियां चर्चा में आईं। इसके बाद केंद्र सरकार के निर्देश और इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) की रिपोर्ट के आधार पर भारत में CJP का आधिकारिक ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट ब्लॉक कर दिया गया।
इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 69A के तहत यह कार्रवाई की। खुफिया एजेंसियों ने संगठन पर कथित रूप से भड़काऊ सामग्री प्रसारित करने और देश की संप्रभुता से जुड़े मुद्दों पर आपत्तिजनक गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाया है।
क्या है ‘कॉकरोच जनता पार्टी’?
‘कॉकरोच जनता पार्टी’ को एक व्यंग्यात्मक और मीम-आधारित डिजिटल अभियान बताया जा रहा है। इसकी शुरुआत बोस्टन यूनिवर्सिटी के छात्र अभिजीत दिपके ने की थी। वह खुद को “बेरोजगार युवाओं की आवाज” बताते हैं।
पिछले कुछ दिनों में यह अभियान खासकर Gen Z युवाओं के बीच तेजी से वायरल हुआ और विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर इसके लाखों समर्थक जुड़ गए। आधिकारिक अकाउंट ब्लॉक होने के बाद अभिजीत दिपके ने कथित तौर पर नया हैंडल ‘Cockroach is Back’ शुरू किया और समर्थकों से उससे जुड़ने की अपील की।
संस्थापक का दावा – अकाउंट हैक और सस्पेंड
अभिजीत दिपके ने आरोप लगाया कि कई सोशल मीडिया अकाउंट हटाए जाने और कथित हैकिंग घटनाओं के बाद संगठन की अपने आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स तक पहुंच खत्म हो गई है। उनका दावा है कि उनका निजी इंस्टाग्राम अकाउंट भी हैक कर लिया गया।
उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि CJP के ट्विटर अकाउंट, बैकअप अकाउंट और इंस्टाग्राम पेज को सस्पेंड या हैक कर दिया गया है। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल वे किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का उपयोग नहीं कर पा रहे हैं, इसलिए आगे आने वाली किसी भी पोस्ट को संगठन का आधिकारिक बयान न माना जाए। बताया जा रहा है कि संगठन की वेबसाइट भी फिलहाल बंद है।



