छत्तीसगढ़ में LPG गैस चोरी का बड़ा खुलासा: प्लांट से 90 टन गैस गायब, 1.5 करोड़ का नुकसान, मैनेजर गिरफ्तार, जांच तेज

महासमुंद। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में एलपीजी गैस चोरी का बड़ा मामला सामने आया है। ठाकुर पेट्रोकेमिकल्स के प्लांट में खड़े 6 कैप्सूल वाहनों से करीब 90 मीट्रिक टन गैस की अवैध निकासी कर बाजार में खपा दी गई। इस पूरे घोटाले की अनुमानित कीमत लगभग 1.5 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि यह पूरा खेल मार्च के अंतिम सप्ताह से 6 अप्रैल 2026 के बीच सुनियोजित तरीके से किया गया। आरोप है कि प्लांट मैनेजर और डायरेक्टर्स की मिलीभगत से गैस को धीरे-धीरे निकालकर निजी टैंकरों के जरिए बाहर बेचा गया।
जांच में GPS डेटा से भी बड़ा खुलासा हुआ, जिसमें कैप्सूल वाहनों की गतिविधियों से गैस चोरी की पुष्टि हुई। रिकॉर्ड की जांच में भी भारी गड़बड़ी सामने आई है, जहां बिक्री और स्टॉक के आंकड़ों में बड़ा अंतर पाया गया।
कर्मचारियों ने पूछताछ में बताया कि उच्च अधिकारियों के निर्देश पर गैस को पहले बुलेट टैंक में खाली किया जाता था, फिर बिना बिल के अलग-अलग जगह सप्लाई किया जाता था।
अब तक इस मामले में प्लांट मैनेजर निखिल वैष्णव को गिरफ्तार किया गया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस पूरे नेटवर्क और सप्लाई चैन की गहराई से जांच कर रही है।



