
रायपुर, 24 फ़रवरी 2026/ वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में छत्तीसगढ़ सरकार ने GYAN (ज्ञान), GATI (गति) और SANKALP (संकल्प) को आधार बनाते हुए समावेशी और संतुलित विकास का रोडमैप पेश किया है। बजट का कुल आकार 1 लाख 87 हजार 500 करोड़ रुपये है, जबकि कुल प्राप्तियां 1 लाख 72 हजार करोड़ रुपये अनुमानित हैं। राज्य का सकल वित्तीय घाटा 28,900 करोड़ रुपये (GSDP का 2.87%) आंका गया है, जो पिछले बजट अनुमान 2.97% से कम है।
अर्थशास्त्र अध्ययन शाला, पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के प्रो. बी.एल. सोनेकर ने बजट को विकासोन्मुख और परिणाम आधारित बताया है।
S – समावेशी विकास
आर्थिक असमानता दूर करने के उद्देश्य से बस्तर और सरगुजा जैसे पिछड़े क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया गया है। मुख्यमंत्री बस सेवा के माध्यम से दूरस्थ इलाकों में कनेक्टिविटी मजबूत होगी, जिससे पर्यटन और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा।
स्वास्थ्य सुविधाओं को Available, Affordable और Accessible बनाने के लिए नए मेडिकल कॉलेज और नर्सिंग कॉलेज खोलने का प्रस्ताव है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बेहतर होगी।
A – अधोसंरचना निर्माण
छ्रुतगामी सड़क योजना के जरिए आर्थिक केंद्रों को जोड़ने की पहल की गई है, जिससे आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी। यात्री उड़ानों की पुनः शुरुआत से एयर कनेक्टिविटी मजबूत होगी और ट्रैवल टाइम घटेगा।
N – निवेश
उद्योगों को दी जाने वाली सब्सिडी में तीन गुना वृद्धि का प्रावधान किया गया है, जिससे उद्यमिता और रोजगार सृजन को बल मिलेगा। साथ ही छत्तीसगढ़ में क्रिटिकल मिनरल की खोज पर विशेष जोर दिया जा रहा है, जो राज्य को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिला सकता है।
K – कुशल मानव संसाधन
पांच महाविद्यालयों को Center of Excellence के रूप में विकसित करने की योजना है, जो अन्य संस्थानों के लिए रोल मॉडल बनेंगे।
उच्च शिक्षा में 731 करोड़ रुपये तथा कौशल विकास के लिए 75 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे युवाओं में नवाचार और रोजगार क्षमता बढ़ेगी।
A – अंत्योदय
जनजातीय संस्कृति को वैश्विक मंच तक पहुंचाने के लिए ‘सुरगुडी स्टूडियो’ की पहल की गई है। नया रायपुर में प्रवासी मजदूर आवासीय परिसर की स्थापना से श्रमिकों को बेहतर आवास सुविधा मिलेगी।
L – लाइवलीहुड
बजट में आजीविका सृजन पर विशेष फोकस किया गया है। कृषि, पशुपालन, ग्रामोद्योग और वनोपज आधारित योजनाओं को बढ़ावा दिया जाएगा ताकि पलायन कम हो और गांवों में ही रोजगार उपलब्ध हो सके।
महिला सशक्तिकरण के तहत ‘महतारी वंदन योजना’ और स्वयं सहायता कार्यक्रमों को आगे बढ़ाया जा रहा है, जिससे महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त बन सकें।
P – पॉलिसी से परिणाम
सुशासन को मजबूत करने के लिए ई-फाइल और बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम लागू किया गया है। योजनाओं की प्रभावी मॉनिटरिंग के लिए ‘अटल मॉनिटरिंग पोर्टल’ की स्थापना की गई है, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।
कुल मिलाकर बजट 2026-27 को समावेशी विकास, अधोसंरचना विस्तार, निवेश प्रोत्साहन और सुशासन के माध्यम से विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा में ठोस कदम माना जा रहा है।



