स्वास्थ्य मंत्री की PC: श्यामबिहारी जायसवाल ने गिनाईं दो साल की उपलब्धियां, बोले– इलाज के साथ रोकथाम और समय पर पहचान पर फोकस

रायपुर, 5 फरवरी 2026।स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर छत्तीसगढ़ सरकार के स्वास्थ्य विभाग की पिछले दो वर्षों की उपलब्धियों और आगामी तीन वर्षों की कार्ययोजना की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता केवल बीमारियों का इलाज नहीं, बल्कि समय पर पहचान, प्रभावी रोकथाम और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करना है।
मानव संसाधन को किया गया मजबूत
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ मानव संसाधन है। पिछले दो वर्षों में डीएचएस और एनएचएम के तहत डॉक्टर, नर्स और अन्य कैडरों के 1639 पदों पर नियुक्ति की गई है, जबकि 2300 पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत विशेषज्ञ डॉक्टरों की भर्ती हर माह ऑनलाइन आवेदन के माध्यम से की जा रही है।
स्वास्थ्य अधोसंरचना में बड़ा विस्तार
15वें वित्त आयोग, PM-ABHIM और राज्य बजट के माध्यम से प्रदेश में बीते दो वर्षों में—
- 3 जिला अस्पताल
- 2 सिविल अस्पताल (220 बिस्तर)
- 8 सिविल अस्पताल (100 बिस्तर)
- 1 मानसिक अस्पताल (200 बिस्तर, सेन्दरी)
- 1 MCH अस्पताल
- 6 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र
- 11 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र
- 34 उप स्वास्थ्य केंद्र
स्वीकृत किए गए हैं। इसके अलावा 12 IPHL लैब, 31 BPHU और 1 क्रिटिकल हेल्थ केयर ब्लॉक को भी मंजूरी दी गई है। आगामी तीन वर्षों में सभी विकासखंडों में BPHU और सभी जिला अस्पतालों व मेडिकल कॉलेजों में IPHL लैब स्थापित की जाएंगी।
आयुष्मान आरोग्य मंदिर बने प्राथमिक स्वास्थ्य की रीढ़
पिछले दो वर्षों में प्रदेश के आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में करीब 3 लाख आरोग्य मेले आयोजित किए गए, जहां उपचार के साथ-साथ वेलनेस सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गईं। जल्द ही 75 हाट बाजार मोबाइल मेडिकल यूनिट, 375 एम्बुलेंस और 30 रूरल मोबाइल मेडिकल यूनिट शुरू की जाएंगी।
आयुष्मान भारत योजना से लाखों को राहत
आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत पिछले दो वर्षों में 31.44 लाख से अधिक क्लेम प्रकरणों में 4551 करोड़ रुपये का उपचार भुगतान किया गया। राज्य के 90 प्रतिशत राशन कार्डधारकों के आयुष्मान कार्ड बन चुके हैं। मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के तहत 2273 लाभार्थियों को 62.20 करोड़ रुपये का उपचार प्रदान किया गया।
गुणवत्ता सुधार में ऐतिहासिक उपलब्धि
नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस प्रोग्राम (NQAS) के तहत 884 शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों को गुणवत्ता प्रमाणन मिला है। रायपुर और बलौदाबाजार जिला अस्पतालों की IPHL लैब को केंद्र सरकार से गुणवत्ता प्रमाणन प्राप्त हुआ है, जो देश में एक मिसाल है। आगामी वर्षों में सभी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों को NQAS प्रमाणन देने का लक्ष्य रखा गया है।
टेली-मेडिसिन और गैर-संचारी रोगों पर फोकस
टेली-मेडिसिन के माध्यम से 2 लाख से अधिक लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं दी गईं। गैर-संचारी रोगों के तहत 80 लाख से अधिक नागरिकों की BP-शुगर जांच और 20 लाख से अधिक लोगों की कैंसर जांच की गई। टीकाकरण लक्ष्य का 94 प्रतिशत से अधिक हासिल किया गया है।
टीबी, मलेरिया और सिकल सेल पर प्रभावी नियंत्रण
- 12 लाख से अधिक टीबी संदिग्धों की जांच,
- 93 प्रतिशत सफलता दर,
- 4106 ग्राम पंचायतें टीबी मुक्त घोषित
- मलेरिया पॉजिटिविटी दर 4.6% से घटकर 0.59%
जनजातीय क्षेत्रों में सिकल सेल पर विशेष फोकस करते हुए 1.68 करोड़ लोगों की स्क्रीनिंग की गई, जिसमें 27,396 मरीज चिन्हित हुए। प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत आदिवासी क्षेत्रों के लिए 57 मोबाइल मेडिकल यूनिट शुरू की गई हैं।
स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल ने कहा कि आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुलभ, मजबूत और जन-केंद्रित बनाया जाएगा।



