केरल में ‘बांग्लादेशी’ समझकर छत्तीसगढ़ के मजदूर की पीट-पीटकर हत्या, परिवार को 35 लाख मुआवजा, 7 आरोपी गिरफ्तार

रायपुर/केरल, 25 दिसंबर 2025/ छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के रहने वाले प्रवासी मजदूर राम नारायण बघेल (40) की केरल में भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या किए जाने के मामले में केरल सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। राज्य मंत्रिमंडल ने पीड़ित परिवार को 30 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने को मंजूरी दी है। वहीं छत्तीसगढ़ सरकार ने भी परिवार को 5 लाख रुपए मुआवजा देने की घोषणा की है।
राम नारायण को 17 दिसंबर को केरल में कुछ लोगों ने बांग्लादेशी समझकर पकड़ लिया था और बेरहमी से पीट-पीटकर उसकी हत्या कर दी थी। घटना के बाद परिजनों ने 25 लाख रुपए मुआवजे की मांग की थी, जिस पर केरल सरकार ने इससे अधिक सहायता देने का निर्णय लिया।
7 आरोपी गिरफ्तार, 15 की भूमिका की आशंका
इस मामले में अब तक 7 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस का कहना है कि महिलाओं सहित करीब 15 लोग इस घटना में शामिल हो सकते हैं। शुरुआती जांच में हुई चूक के चलते कुछ संदिग्धों के राज्य से फरार होने की आशंका जताई गई है।
पैतृक गांव में हुआ अंतिम संस्कार
बुधवार सुबह छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले स्थित राम नारायण के पैतृक गांव में उसका अंतिम संस्कार किया गया। गांव में शोक का माहौल है और परिजन अब भी न्याय की मांग कर रहे हैं।
कांग्रेस की 1 करोड़ मुआवजे की मांग
कांग्रेस ने इस घटना को गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन बताते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई और मृतक के परिवार को 1 करोड़ रुपए मुआवजा देने की मांग की है।
RSS कार्यकर्ताओं पर आरोप
केरल के मंत्री एमबी राजेश ने बयान दिया है कि इस मामले में गिरफ्तार चार आरोपी RSS परिवार से जुड़े कार्यकर्ता हैं। उन्होंने कहा कि राम नारायण पूरे देश में फैलाई जा रही नफरत की राजनीति का शिकार हुआ है।
यह मामला न सिर्फ प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा पर सवाल खड़े करता है, बल्कि भीड़ हिंसा के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जरूरत को भी उजागर करता है।



