
रायपुर, 08 जुलाई 2026। महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामले के मुख्य आरोपियों में शामिल सौरभ चंद्राकर को ओमान में गिरफ्तार कर लिया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, भारतीय एजेंसियों द्वारा जारी इंटरपोल रेड नोटिस के आधार पर रॉयल ओमान पुलिस ने यह कार्रवाई की। सौरभ पर फर्जी इंडोनेशियाई पासपोर्ट के जरिए ओमान में अवैध रूप से प्रवेश करने का आरोप है।
बताया जा रहा है कि सौरभ चंद्राकर पिछले कुछ समय से संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में रह रहा था। गिरफ्तारी के बाद भारत सरकार ने उसके प्रत्यर्पण (Extradition) की प्रक्रिया तेज कर दी है। फिलहाल उसे मस्कट के हाई-सिक्योरिटी अल खौद डिटेंशन सेंटर में रखा गया है। जानकारी के मुताबिक, उसने अपनी पैरवी के लिए मस्कट में वकीलों की एक टीम भी नियुक्त की है।
महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) और CBI हजारों करोड़ रुपये के कथित अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी, मनी लॉन्ड्रिंग और वित्तीय लेन-देन की जांच कर रही हैं। हाल ही में इंटरपोल की Commission for the Control of INTERPOL’s Files (CCF) ने सौरभ चंद्राकर की वह याचिका भी खारिज कर दी थी, जिसमें उसने अपने खिलाफ जारी रेड नोटिस हटाने की मांग की थी।
सौरभ का दावा था कि भारत में उसके खिलाफ राजनीतिक कारणों से मामला दर्ज किया गया है और उसे निष्पक्ष सुनवाई नहीं मिलेगी। हालांकि, CCF ने स्पष्ट किया कि मामला वित्तीय अपराध और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है, इसलिए रेड नोटिस जारी रहेगा।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, CCF में सुनवाई के दौरान ही सौरभ UAE छोड़कर ओमान पहुंच गया था। जांच एजेंसियों का मानना है कि फर्जी पासपोर्ट के जरिए ओमान में प्रवेश करना प्रत्यर्पण प्रक्रिया को प्रभावित करने की रणनीति हो सकती है। ओमान के कानून के तहत फर्जी पासपोर्ट का इस्तेमाल गंभीर अपराध माना जाता है, जिसमें 3 से 5 साल तक की कैद और जुर्माने का प्रावधान है।
गौरतलब है कि वर्ष 2019 से फरार चल रहे सौरभ चंद्राकर को भारत लाने के लिए पहले भी प्रयास किए गए थे। वर्ष 2024 में उसे दुबई में इंटरपोल रेड नोटिस के आधार पर हिरासत में लिया गया था, लेकिन बाद में रिहा कर दिया गया। अब ओमान में हुई गिरफ्तारी के बाद उसके भारत प्रत्यर्पण की संभावना बढ़ गई है।


