आरक्षक भर्ती को लेकर मचा हंगामा, सरकार ने तोड़ी चुप्पी: उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने अभ्यर्थियों से जमीन पर बैठकर की बात, बोले— भर्ती में कोई गड़बड़ी नहीं, सब कुछ पारदर्शी

रायपुर, 21 दिसंबर 2025/ छत्तीसगढ़ पुलिस आरक्षक भर्ती प्रक्रिया को लेकर उठ रही आशंकाओं के बीच सरकार ने बड़ा भरोसेमंद कदम उठाया है। उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा ने रविवार को सिविल लाइन स्थित अपने निवास पर आरक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों से सीधा संवाद किया और उनकी समस्याओं का मौके पर समाधान किया।
पूर्व घोषणा के अनुसार उपमुख्यमंत्री सुबह ठीक 10 बजे अभ्यर्थियों के बीच पहुंचे। इस दौरान उनके साथ भर्ती प्रक्रिया के प्रमुख एडीजी एसआरपी एसपी कल्लूरी और आईजी बद्री नारायण मीना भी मौजूद रहे। उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि आरक्षक भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और विश्वसनीय रही है, और शासन इसमें किसी भी तरह की गड़बड़ी को बर्दाश्त नहीं करेगा।
उन्होंने बताया कि अभ्यर्थियों की मांग पर सभी प्राप्तांक सार्वजनिक किए गए हैं और परिणाम पोर्टल पर भी उपलब्ध कराए गए हैं। चयन प्रक्रिया पूरी तरह मेरिट और प्रावीण्यता सूची के आधार पर की जा रही है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि जहां भी तथ्यों के आधार पर गड़बड़ी सामने आई, वहां तत्काल कार्रवाई की गई। एक भर्ती केंद्र में शारीरिक परीक्षा को लेकर उठी शंका पर उन्होंने स्वयं सभी दस्तावेज मंगाकर प्रकरणों की जांच की, जिसमें किसी भी प्रकार की अनियमितता नहीं पाई गई। इसकी जानकारी उन्होंने अभ्यर्थियों को सार्वजनिक रूप से दी।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्रतीक्षा सूची (वेटिंग लिस्ट) को जल्द क्लियर किया जाएगा और प्रथम वेटिंग लिस्ट की संख्या बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मार्गदर्शन लिया जाएगा। साथ ही PHQ ID के कारण मोबाइल नंबर बदलने से आई समस्या पर भी समाधान का आश्वासन दिया गया।
भूतपूर्व सैनिकों द्वारा आयु सीमा में छूट की मांग पर उपमुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री से चर्चा कर हर संभव निराकरण का भरोसा दिलाया। वहीं बस्तर संभाग में स्थानीय युवाओं के चयन की मांग पर उन्होंने स्पष्ट किया कि न्यायालय के निर्णय के कारण क्षेत्रीय आरक्षण संभव नहीं था, लेकिन बस्तर फाइटर भर्ती के माध्यम से स्थानीय युवाओं को अवसर दिया जाएगा।
इस दौरान गृह विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और सभी भर्ती केंद्रों के अधिकारी अपने-अपने केंद्रों की पूरी जानकारी के साथ उपस्थित रहे। उपमुख्यमंत्री ने हर समस्या को संवेदनशीलता से सुना और जहां संभव हुआ, तुरंत समाधान किया गया।
यह पहली बार है जब किसी भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी शिकायतों के समाधान के लिए तीन स्तरों पर संवाद किया गया—
पहले जिलों में पुलिस अधीक्षकों द्वारा, फिर पुलिस मुख्यालय में एडीजी स्तर पर, और अब सीधे उपमुख्यमंत्री द्वारा अपने निवास पर।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने स्पष्ट कहा कि युवाओं के भविष्य से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और त्रुटिरहित रहे, यह शासन की प्राथमिकता है।



