CG में गाइडलाइन दरों पर बड़ा बदलाव: इंक्रीमेंटल गणना खत्म, बिल्ट-अप एरिया से मूल्यांकन शुरू; CM साय बोले—जनता के हित में बदले जा रहे नियम

रायपुर। प्रदेश में जमीन गाइडलाइन दरों को लेकर सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि लोकतंत्र में जनता ही सबसे बड़ी ताकत है। सरकार जनता की सुविधा के लिए नियम बनाती है, लेकिन कई बार कुछ बिंदु छूट जाते हैं। उन्होंने कहा कि “असली सरकार वही है, जो जनता के हित में अपने निर्णयों को भी बदल दे।” सीएम ने बताया कि गाइडलाइन दरों को लेकर समीक्षा चल रही है और कुछ बिंदुओं पर संशोधन किए जा रहे हैं। सरकार का उद्देश्य हर निर्णय को जनता के हित में लागू करना है।
केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड के अहम फैसले
1. भूखंडों की गणना की पुरानी प्रणाली बहाल
बैठक में तय किया गया कि नगरीय क्षेत्रों में 1400 वर्ग मीटर तक के भूखंडों की इंक्रीमेंटल आधार पर होने वाली गणना की मौजूदा प्रणाली समाप्त कर दी जाए। अब फिर पूर्व के प्रचलित उपबंध लागू होंगे—
- नगर निगम क्षेत्र: 50 डेसिमल
- नगर पालिका: 37.5 डेसिमल
- नगर पंचायत: 25 डेसिमल
इस बदलाव से मूल्यांकन प्रक्रिया आसान और अधिक पारदर्शी होगी।
2. फ्लैट और दुकानों का मूल्यांकन अब बिल्ट-अप एरिया से
मल्टीस्टोरी भवनों में फ्लैट, दुकान और ऑफिस के अंतरण पर सुपर बिल्ट-अप एरिया से मूल्यांकन की प्रथा खत्म कर दी गई है।
अब बिल्ट-अप एरिया के आधार पर मूल्यांकन होगा।
यह नियम मध्यप्रदेश शासन के समय से लागू था, जिसकी लंबे समय से समीक्षा की मांग हो रही थी।
नया प्रावधान वर्टिकल डेवलपमेंट को बढ़ावा देगा और शहरी भूमि का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करेगा।
3. मल्टीस्टोरी और कमर्शियल कॉम्प्लेक्स पर मूल्यांकन में छूट
केंद्रीय बोर्ड ने छूट के नए प्रावधान लागू किए—
- बेसमेंट व प्रथम तल: 10% कमी
- द्वितीय तल और ऊपर: 20% कमी
इससे मध्यम वर्ग को किफायती दरों पर फ्लैट और व्यावसायिक स्थान उपलब्ध होंगे।
4. 20 मीटर से अधिक दूरी पर संपत्तियों को 25% कमी
कमर्शियल कॉम्प्लेक्सों में मुख्य मार्ग से 20 मीटर से अधिक दूरी पर स्थित संपत्तियों का मूल्यांकन 25% कम दर पर होगा।
20 मीटर दूरी का आकलन मुख्य मार्ग की ओर बने निर्मित हिस्से से किया जाएगा। इससे मूल्यांकन ज्यादा न्यायसंगत होगा।
5. जिलों को 31 दिसंबर तक नए प्रस्ताव भेजने के निर्देश
केंद्रीय बोर्ड ने जिला मूल्यांकन समितियों से कहा है कि हाल में हुई दर वृद्धि पर आई आपत्तियों और सुझावों की समीक्षा कर 31 दिसंबर तक संशोधन प्रस्ताव भेजें।
इन प्रस्तावों पर विचार करने के बाद नई गाइडलाइन दरों पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
तत्काल प्रभाव से लागू
इन सभी निर्णयों को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। सरकार का दावा है कि इन बदलावों से रियल एस्टेट सेक्टर में स्थिरता बढ़ेगी, पारदर्शिता आएगी और किफायती आवास उपलब्ध कराने के प्रयासों को गति मिलेगी।



