छत्तीसगढ़ में गाइडलाइन दरों का बड़ा पुनरीक्षण: केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड ने किए कई अहम बदलाव, आज से लागू

रायपुर, 08 दिसंबर 2025।प्रदेश में गाइडलाइन दरों और उपबंधों के पुनरीक्षण को लेकर केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें रियल एस्टेट सेक्टर, नगरीय विकास और आम नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कई बड़े निर्णय लिए गए। सभी संशोधन तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं।
🔹 1. नगरीय क्षेत्रों में भूखंड मूल्यांकन की पुरानी व्यवस्था बहाल
बोर्ड ने 1400 वर्ग मीटर तक के भूखंडों की इंक्रीमेंटल आधार पर गणना की वर्तमान प्रणाली समाप्त कर दी है। अब फिर से पुरानी स्लैब प्रणाली लागू होगी—
- नगर निगम क्षेत्र: 50 डेसिमल
- नगर पालिका: 37.5 डेसिमल
- नगर पंचायत: 25 डेसिमल
इस बदलाव से मूल्यांकन प्रक्रिया सरल होगी और पारदर्शिता बढ़ेगी।
🔹 2. बहुमंजिला भवनों में बिल्ट-अप एरिया के आधार पर मूल्यांकन
सुपर बिल्ट-अप एरिया के आधार पर बाजार मूल्य निर्धारण का प्रावधान समाप्त कर दिया गया है।
अब फ्लैट, दुकान और कार्यालयों का मूल्यांकन केवल बिल्ट-अप एरिया के आधार पर होगा।
यह प्रावधान मध्यप्रदेश शासन के समय से लागू था, जिसे हटाने की मांग लंबे समय से थी। इससे वर्टिकल डेवलपमेंट को गति मिलेगी।
🔹 3. फ्लैट और कॉम्प्लेक्स पर मूल्यांकन में नई छूट
केंद्रीय बोर्ड ने मूल्यांकन में छूट के नए प्रावधान लागू किए—
- बेसमेंट व प्रथम तल: 10% की कमी
- द्वितीय तल और उससे ऊपर: 20% की कमी
इससे मध्यम वर्ग के लिए किफायती दरों पर फ्लैट और व्यावसायिक स्पेस उपलब्ध होने की उम्मीद है।
🔹 4. कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में पीछे के हिस्सों को 25% कम दर
कमर्शियल कॉम्प्लेक्सों में मुख्य मार्ग से 20 मीटर से अधिक दूरी पर स्थित संपत्तियों के मूल्यांकन में 25% छूट मिलेगी।
20 मीटर की दूरी का आकलन मुख्य मार्ग की ओर से निर्मित हिस्से के आधार पर किया जाएगा।
🔹 5. जिला मूल्यांकन समितियों को 31 दिसंबर तक प्रस्ताव भेजने के निर्देश
हाल ही में दरों में हुई वृद्धि को देखते हुए प्राप्त आपत्तियों और सुझावों का परीक्षण कर जिला समितियों को 31 दिसंबर तक संशोधित प्रस्ताव भेजने को कहा गया है।
इन प्रस्तावों पर विचार कर बोर्ड आगामी गाइडलाइन दरों पर अंतिम निर्णय लेगा।
इन सभी बदलावों से राज्य के रियल एस्टेट सेक्टर में पारदर्शिता बढ़ेगी, रियल्टी मार्केट स्थिर होगा और किफायती आवास उपलब्ध कराने के प्रयासों को नई दिशा मिलेगी।



