खैरागढ़ में नक्सली मोर्चे पर बड़ी सफलता: MMC ज़ोनल कमेटी के शीर्ष नेता रामधेर मज्जी सहित 12 माओवादी आत्मसमर्पण

खैरागढ़। छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ जिले से नक्सल मोर्चे पर बड़ी कामयाबी मिली है। CPI (माओवादी) के शीर्ष नेता और केंद्रीय समिति सदस्य रामधेर मज्जी ने अपने 11 साथियों के साथ आज सुबह गांव कुम्ही (थाना बकर कट्टा) में आत्मसमर्पण कर दिया। सभी माओवादी पुलिस के सामने हथियार रखकर मुख्यधारा में लौट आए।
यह सरेंडर सुरक्षा एजेंसियों के लिए निर्णायक सफलता मानी जा रही है, क्योंकि यह पूरा समूह MMC— महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़— स्पेशल जोनल कमेटी का सक्रिय हिस्सा था, जो तीन राज्यों के छह जिलों में नेटवर्क संचालित करता था।
🔻 शीर्ष कमांडरों का बड़ा सरेंडर
सबसे बड़ा झटका माओवादी संगठन को तब लगा जब रामधेर मज्जी ने AK-47 के साथ आत्मसमर्पण किया। उसके साथ DVCM रैंक के नेता—
- चंदू उसेंडी
- ललिता
- जानकी
- प्रेम
ने भी सरेंडर किया। इनमें से दो के पास AK-47 और INSAS हथियार थे।
साथ ही ACM रैंक के—
- रामसिंह दादा
- सुकेश पोट्टम
ने भी आत्मसमर्पण किया। इसके अलावा महिला मिलिशिया की कैडर—
- लक्ष्मी
- शीला
- योगिता
- कविता
- सागर
ने भी समर्पण किया।
🔻 बरामद हथियार
समूह के पास से पुलिस ने बरामद किए—
- AK-47
- इंसास
- SLR
- .303 रायफल
- 30 कार्बाइन
🔻 MMC जोनल स्ट्रक्चर लगभग ध्वस्त
इस सरेंडर के बाद MMC स्पेशल जोन लगभग निष्प्रभावी हो गया है।
इससे पहले MMC जोन के प्रवक्ता अनंत ने गोंदिया में आत्मसमर्पण किया था।
पिछले 24 घंटों में बालाघाट में सुरेंद्र सहित 9 अन्य माओवादी भी हथियार डाल चुके हैं।
लगातार हो रही सरेंडर गतिविधियां बताती हैं कि नक्सली संगठन की जमीनी पकड़ तेजी से कमजोर हो रही है और सुरक्षा बलों की रणनीति बेहद प्रभावी साबित हो रही है।
🔻 अब आगे क्या?
सभी 12 माओवादी पुलिस कस्टडी में हैं। पूछताछ शुरू हो गई है।
पुलिस जल्द ही प्रेस कॉन्फ़्रेंस कर पूरे ऑपरेशन और नक्सली नेटवर्क से जुड़े महत्वपूर्ण खुलासे करेगी।



