जशपुर उभर रहा खाद्य प्रसंस्करण हब, निफ्टेम कुंडली का सतत् प्रयास रंग ला रहा — विस्तृत रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंपा

रायपुर, 06 दिसंबर 2025।जशपुर अब खाद्य प्रसंस्करण के एक संभावित हब के रूप में तेजी से विकसित हो रहा है। राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी उद्यमिता एवं प्रबंधन संस्थान, निफ्टेम कुंडली (हरियाणा) की 18 छात्रों और 2 संकाय सदस्यों की टीम ने 19 से 27 नवंबर तक तीसरे वर्ष लगातार जिले का दौरा किया। यह यात्रा प्रतिष्ठित ग्राम अंगीकरण कार्यक्रम का हिस्सा रही, जिसके तहत निफ्टेम ने 2023 से जशपुर में कृषि, बागवानी और विशेष रूप से महुआ उत्पादों के मूल्यवर्धन पर काम शुरू किया था।
मोटे अनाज आधारित उत्पादों पर व्यावहारिक प्रशिक्षण
निफ्टेम टीम ने जशपुर में कुशल मानव संसाधन तैयार करने पर विशेष जोर दिया। कुनकुरी स्थित कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर एंड रिसर्च स्टेशन में फूड प्रोसेसिंग ट्रेनिंग एवं इनक्यूबेशन सेंटर की स्थापना की गई।
यहाँ युवाओं, स्व-सहायता समूहों और एफपीओ सदस्यों के लिए मोटे अनाज आधारित बेकरी उत्पादों सहित विभिन्न मूल्यवर्धित खाद्य उत्पादों के निर्माण का प्रशिक्षण दिया गया।
- मोटे अनाज से उत्पाद निर्माण पर 3 व्यावहारिक सत्र
- सुजी आधारित पास्ता, पैकेजिंग, लेबलिंग और ब्रांडिंग पर मार्गदर्शन
- कुल 96 प्रतिभागी, जिनमें 65% महिलाएँ शामिल
जशपुर—विविध फसलों और असीम संभावनाओं की धरती
जशपुर की अनुकूल जलवायु और भौगोलिक विविधता इसे धान, कोदो-कुटकी, रागी, फल, मसाला और महुआ जैसी फसलों का समृद्ध क्षेत्र बनाती है।
जिला प्रशासन सभी ब्लॉकों में खाद्य प्रसंस्करण अवसंरचना के विकास को प्राथमिकता दे रहा है। निफ्टेम का वीएपी कार्यक्रम इस दिशा में तकनीकी सहायता, प्रशिक्षण और उद्यमिता संवर्धन प्रदान कर रहा है।
महुआ सेंटर ऑफ एक्सीलेंस—नवाचार की पहचान
निफ्टेम टीम ने अपने दौरे में महुआ सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का निरीक्षण किया और यहाँ तैयार हो रहे नवाचारपूर्ण उत्पादों की सराहना की।
महुआ से बनाए जा रहे च्यवनप्राश, टी, स्नैक्स तथा अन्य फूड-ग्रेड उत्पादों को गुणवत्ता, स्वच्छ पैकेजिंग और वैज्ञानिक प्रसंस्करण के लिए सराहा गया।
यह केंद्र—जिला प्रशासन जशपुर की पहल और जय जंगल द्वारा संचालित—महिला समूहों के लिए कौशल तथा आय-वृद्धि का मजबूत साधन बन चुका है।
निफ्टेम की प्रतिक्रिया और आगे की दिशा
वीएपी कार्यक्रम प्रमुख प्रो. प्रसन्ना कुमार ने जशपुर में हासिल प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने जिला कलेक्टर, जिला पंचायत सीईओ, एनआरएलएम मिशन मैनेजर और जय जंगल एफपीसी के योगदान को महत्वपूर्ण बताया।
निफ्टेम निदेशक डॉ. हरिंदर सिंह ओबेरॉय ने कहा कि वीएपी कार्यक्रम छत्तीसगढ़ में उभरते खाद्य प्रसंस्करण पारिस्थितिकी तंत्र की रीढ़ बन चुका है और इसकी गतिविधियों को और अधिक क्षेत्रों तक विस्तार दिया जाना चाहिए।
विस्तृत विकास रिपोर्ट सौंपा
पूरे अध्ययन और गतिविधियों के आधार पर तैयार की गई “जशपुर खाद्य प्रसंस्करण विकास रिपोर्ट” को आज जिला प्रशासन को औपचारिक रूप से सौंपा गया।
यह रिपोर्ट जशपुर को खाद्य प्रसंस्करण और मूल्यवर्धन के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानी जा रही है।



