Biranpur Violence Case: सीबीआई ने मांगी नई धाराएं जोड़ने की अनुमति, 19 नवंबर को आएगा फैसला

रायपुर, 13 नवंबर 2025। बेमेतरा जिले के चर्चित बिरनपुर सांप्रदायिक हिंसा मामले में ढाई साल बाद आज स्पेशल कोर्ट में अहम सुनवाई हुई। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने कोर्ट में अपराध की धाराएं बढ़ाने का आवेदन दिया था। इस पर आज दोनों पक्षों के बीच बहस हुई।
सीबीआई की ओर से कहा गया कि जांच के दौरान 6 नए आरोपियों के नाम सामने आए हैं, जिससे कई नए तथ्य उजागर हुए हैं। इसलिए अपराध की धाराएं बढ़ाना आवश्यक है। वहीं, बचाव पक्ष ने इस तर्क का विरोध करते हुए कहा कि धारा बढ़ाने का कोई औचित्य नहीं है। कोर्ट ने बहस पूरी होने के बाद 19 नवंबर को आदेश सुरक्षित रख लिया।
क्या है बिरनपुर हिंसा मामला
8 अप्रैल 2023 को बेमेतरा जिले के बिरनपुर गांव में दो बच्चों के बीच हुई मामूली झड़प ने बड़ा रूप ले लिया था। देखते ही देखते मामला हिंदू-मुस्लिम समुदायों के बीच सांप्रदायिक हिंसा में बदल गया। इस दौरान साजा विधायक ईश्वर साहू के पुत्र भुनेश्वर साहू (22) की लाठी-डंडों से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी।
घटना के बाद माहौल इतना तनावपूर्ण हो गया कि 10 अप्रैल को विश्व हिंदू परिषद ने छत्तीसगढ़ बंद का आह्वान किया। हिंसा के दौरान रहीम (55) और उनके पुत्र ईदुल मोहम्मद (35) की भी हत्या कर दी गई थी। प्रशासन ने तत्काल धारा 144 लागू कर गांव में कर्फ्यू लगा दिया था, जो करीब दो सप्ताह तक जारी रहा।
पुलिस ने शुरुआती जांच में 12 लोगों को आरोपी बनाया था, लेकिन सीबीआई की जांच में 6 नए नाम शामिल किए गए हैं।
सीबीआई चार्जशीट में बड़ा खुलासा
CBI ने 30 सितंबर 2025 को दाखिल अपनी चार्जशीट में बड़ा खुलासा किया है। एजेंसी ने स्पष्ट किया कि यह कोई राजनीतिक साजिश नहीं थी, जैसा कि विपक्ष लगातार आरोप लगाता रहा। चार्जशीट में पूर्व विधायक अंजोर यदु का नाम शामिल नहीं किया गया, जबकि मृतक के पिता ईश्वर साहू उनकी भूमिका पर सवाल उठाते रहे हैं।
अप्रैल 2024 में सीबीआई की टीम ने बिरनपुर पहुंचकर नई जांच शुरू की थी। अब 19 नवंबर को कोर्ट का फैसला यह तय करेगा कि आगे इस मामले में किन धाराओं के तहत सुनवाई जारी रहेगी।



