सोशल मीडिया पर फैलाया झूठ : डिप्टी CM अरुण साव के निजी कार्यक्रम का कोई भुगतान नहीं किया लोक निर्माण विभाग ने — भ्रामक खबर पर विभाग ने सख्त रुख अपनाया

रायपुर, 8 नवम्बर 2025।सोशल मीडिया पर उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव के परिवार के निजी कार्यक्रम का भुगतान लोक निर्माण विभाग द्वारा किए जाने संबंधी जो खबरें प्रसारित की जा रही हैं, वे पूरी तरह भ्रामक और तथ्यहीन हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि उप मुख्यमंत्री या उनके परिवार के किसी भी निजी कार्यक्रम का कोई भी भुगतान लोक निर्माण विभाग द्वारा नहीं किया गया है।
लोक निर्माण विभाग के बेमेतरा संभाग के कार्यपालन अभियंता डी.के. चंदेल ने बताया कि आरटीआई के तहत मांगी गई जानकारी में भी सोशल मीडिया में प्रसारित किसी कथित बिल का कोई उल्लेख नहीं है। विभाग का इन बिलों से कोई संबंध नहीं है।
उन्होंने बताया कि आरटीआई के तहत बेमेतरा निवासी अब्दुल वाहिद रवानी को दी गई जानकारी में केवल मुख्यमंत्री और मंत्रियों के सरकारी कार्यक्रमों से जुड़े टेंट-पंडाल आदि के भुगतान का विवरण दिया गया है। इन सभी कार्यक्रमों का भुगतान शासकीय प्रयोजन के अंतर्गत विधिवत रूप से किया गया है।
विभाग ने जिन कार्यक्रमों का भुगतान किया है, उनमें शामिल हैं —
- 19 से 21 दिसंबर 2024 को नवागढ़ में मुख्यमंत्री के 3 दिवसीय कार्यक्रम हेतु ₹1.76 करोड़
- 25 जनवरी 2024 को जूनी सरोवर (बेमेतरा) में मुख्यमंत्री के कार्यक्रम हेतु ₹71.16 लाख
- 4 जुलाई 2024 को अंधियारखोर में मंत्री के कार्यक्रम हेतु ₹17.99 लाख
- 14 जनवरी 2025 को संबलपुर में मंत्री के कार्यक्रम हेतु ₹10.11 लाख
- इसके अलावा गणतंत्र दिवस, स्वतंत्रता दिवस, राज्योत्सव, वाचनालय लोकार्पण, पंथी प्रतियोगिता, विकसित भारत कार्यक्रम सहित अन्य 12 शासकीय कार्यक्रमों के लिए कुल ₹3.97 करोड़ का भुगतान हुआ है।
इन सभी भुगतानों का पूर्ण रिकॉर्ड — माप पुस्तिका, देयक की प्रतियां, कार्यक्रमों की फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी — कार्यालयीन अभिलेखों में सुरक्षित है।
कार्यपालन अभियंता ने यह भी बताया कि दिनांक 09 अगस्त 2024 को जिस कथित निजी कार्यक्रम को लेकर भ्रामक जानकारी फैलाई जा रही है, उसका विभाग से कोई संबंध नहीं है और उसका कोई भुगतान विभाग द्वारा नहीं किया गया है।
विभाग ने कहा है कि सोशल मीडिया पर झूठी जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ विधिसम्मत कार्यवाही की जाएगी।
लोक निर्माण विभाग ने दोहराया है कि उप मुख्यमंत्री अरुण साव के किसी भी निजी कार्यक्रम का कोई भुगतान नहीं किया गया है और सोशल मीडिया पर चल रही खबरें पूरी तरह असत्य हैं।



