
रायपुर, 7 नवम्बर 2025 — मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कार्यक्रम में कहा कि मातृभूमि के प्रति समर्पण और अपने कर्तव्यों का सम्यक निर्वहन ही सर्वोच्च दक्षिणा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वाल्मीकि रामायण में मातृभूमि को स्वर्ग से भी श्रेष्ठ बताया गया है — “जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी।” उन्होंने कहा कि जिस भूमि ने हमें जन्म दिया, पालन-पोषण किया और पहचान दी, उसकी सेवा ही हमारे जीवन का सबसे बड़ा धर्म है। भारत माता की आराधना केवल शब्दों में नहीं, बल्कि अपने कर्तव्यों के ईमानदार निर्वहन से होनी चाहिए।
साय ने आगे कहा कि जब हम भारत माता की पूजा करते हैं, तो पूजा में दक्षिणा देना भी आवश्यक होता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत@2047 के संकल्प का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के हर अधिकारी, कर्मचारी और जनप्रतिनिधि को निष्ठा व ईमानदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए। यही मातृभूमि के प्रति सच्ची देशभक्ति और सर्वोच्च दक्षिणा होगी।



