छत्तीसगढ़ में अब क्रेडिट/डेबिट कार्ड और यूपीआई से जीएसटी भुगतान, व्यापारियों को बड़ी राहत

रायपुर, 6 नवंबर 2025।छत्तीसगढ़ सरकार ने व्यवसायियों और करदाताओं के लिए एक बड़ी राहत की घोषणा की है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन और वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी के निर्देश पर अब राज्य में जीएसटी (GST) भुगतान क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड और यूपीआई (UPI) के माध्यम से भी किया जा सकेगा। राज्य जीएसटी विभाग और कोष लेखा (ट्रेज़री) विभाग ने यह सुविधा पूरे प्रदेश में लागू कर दी है।
इस नई व्यवस्था की मांग व्यापारी वर्ग, चेंबर ऑफ कॉमर्स और विभिन्न व्यापारिक संगठनों द्वारा जीएसटी लागू होने के प्रारंभिक काल से की जा रही थी। व्यापारियों का कहना था कि यदि आधुनिक डिजिटल माध्यम जैसे यूपीआई और कार्ड भुगतान को जीएसटी पोर्टल से जोड़ा जाए, तो कर भुगतान की प्रक्रिया अधिक सुगम और पारदर्शी बन सकती है।
वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने बताया कि सरकार ने करदाताओं की सुविधा और डिजिटल भुगतान को प्रोत्साहित करने के लिए दोनों विभागों को संयुक्त रूप से कार्य कर यह सुविधा शीघ्र लागू करने के निर्देश दिए थे। उन्होंने कहा —
“क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड और यूपीआई के माध्यम से जीएसटी भुगतान की नई सुविधा करदाताओं के लिए बड़ी राहत लेकर आई है। इससे भुगतान प्रक्रिया और अधिक सरल, तेज़ और पारदर्शी बनेगी, साथ ही छोटे व्यापारियों को विशेष रूप से लाभ मिलेगा।”
अब तक करदाताओं को केवल नेट बैंकिंग और ओटीसी (Over the Counter) के माध्यम से भुगतान की सुविधा थी, जिसके चलते अनेक बार तकनीकी दिक्कतें, बैंक सर्वर की समस्या और पेमेंट फेल जैसी परेशानियां सामने आती थीं। नई सुविधा से करदाता सीधे जीएसटी पोर्टल (www.gst.gov.in) में लॉगिन कर क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड या यूपीआई ऐप से सुरक्षित रूप से टैक्स भुगतान कर सकेंगे।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा —
“छत्तीसगढ़ सरकार का लक्ष्य प्रत्येक नागरिक और व्यापारी के लिए शासन की प्रक्रियाओं को सरल, सुलभ और पारदर्शी बनाना है। करदाताओं के हित में जीएसटी भुगतान के लिए डिजिटल सुविधाओं का राज्यभर में विस्तार इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह पहल व्यापारियों को सुविधा और गति प्रदान करने के साथ ही राज्य की अर्थव्यवस्था में पारदर्शिता और विश्वास को सुदृढ़ करेगी।”
इस पहल को राज्य में डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने और पारदर्शी कर प्रणाली स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। इससे कर संग्रह में दक्षता बढ़ेगी और छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी डिजिटल टैक्स प्रशासन वाले राज्यों में अपनी स्थिति को और मजबूत करेगा।



