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रजत महोत्सव समापन पर उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन बोले – अब छत्तीसगढ़ की नई पहचान विकास और विश्वास है, न कि भय और हिंसा

रायपुर, 05 नवंबर 2025।नवा रायपुर में आयोजित छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव के भव्य समापन समारोह में आज उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। छत्तीसगढ़ राज्य गठन के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित इस समारोह में राज्य की विकास यात्रा, सांस्कृतिक समृद्धि और सामाजिक एकता के उत्सव का शानदार प्रदर्शन हुआ।

उपराष्ट्रपति ने समारोह में शामिल होकर कहा कि छत्तीसगढ़ आज सहभागी विकास और जन-प्रेरित परिवर्तन का प्रतीक बन चुका है। उन्होंने कहा कि “छत्तीसगढ़ में विकास और विश्वास ने भय और हिंसा का स्थान ले लिया है,” और यह राज्य आज उस नए भारत की तस्वीर पेश कर रहा है, जहाँ प्रगति और शांति साथ-साथ चल रहे हैं।

विकसित भारत के संकल्प का प्रतीक छत्तीसगढ़

राधाकृष्णन ने छत्तीसगढ़ की 25 वर्ष की विकास यात्रा को “विकसित छत्तीसगढ़ के माध्यम से विकसित भारत के संकल्प का जीवंत उदाहरण” बताया। उन्होंने कहा कि यह राज्य अब सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक प्रगति का राष्ट्रीय मॉडल बन चुका है।
उन्होंने 1 नवम्बर 2000 को छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माण में अटल बिहारी वाजपेयी के दूरदर्शी नेतृत्व को श्रद्धापूर्वक याद किया और कहा कि वे स्वयं उस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी रहे जब राज्य पुनर्गठन विधेयक लोकसभा में पारित हुआ था।

नक्सलवाद पर विजय और समावेशी विकास की सराहना

उपराष्ट्रपति ने नक्सलवाद को समाप्त करने में राज्य की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि यह सामूहिक इच्छाशक्ति, विकास और विश्वास का परिणाम है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, राज्य सरकार, सुरक्षा बलों और स्थानीय समुदायों के प्रयासों की प्रशंसा की।

आदिवासी समुदायों को बताया ‘वन, संस्कृति और विरासत का संरक्षक’

राधाकृष्णन ने आदिवासी समाज को छत्तीसगढ़ की आत्मा बताया और कहा कि “आदिवासी समुदाय हमारी संस्कृति, परंपरा और पर्यावरण के असली संरक्षक हैं।” उन्होंने इन समुदायों की बुद्धिमत्ता, सतत जीवन शैली और प्रकृति के साथ सामंजस्य की सराहना की।

बुनियादी ढांचे और नवाचार की नई उड़ान

उपराष्ट्रपति ने छत्तीसगढ़ में हुए बुनियादी ढांचे के विस्तार को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने सड़क, रेल, एक्सप्रेसवे और हवाई कनेक्टिविटी में आई क्रांतिकारी प्रगति की चर्चा की और नवा रायपुर को भारत के पहले ग्रीनफील्ड स्मार्ट सिटी के रूप में देश के लिए उदाहरण बताया।
उन्होंने कहा कि “नवा रायपुर अब आईटी, फार्मा, एआई डेटा सेंटर पार्क और मेडिसिटी के रूप में उभरते भारत का आधुनिक चेहरा है।”

‘अंजोर विज़न @2047’ और तकनीकी प्रगति की सराहना

उन्होंने राज्य सरकार के ‘अंजोर विज़न @2047’ की प्रशंसा करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग, डिजिटल गवर्नेंस और हरित प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

संस्कृति और आधुनिकता का संतुलन

उपराष्ट्रपति ने कहा कि “छत्तीसगढ़ ने अपनी सांस्कृतिक जड़ों के संरक्षण के साथ आधुनिकता का उत्कृष्ट संतुलन स्थापित किया है।” उन्होंने पंथी, कर्मा जैसे पारंपरिक नृत्यों और राज्य की समृद्ध आदिवासी कलाओं की सराहना की।

‘विकास का असली मापदंड जनता की मुस्कान है’

अपने संबोधन में उन्होंने कहा —
प्रगति केवल GDP से नहीं मापी जाती, बल्कि लोगों के चेहरों पर मुस्कान, शासन में उनके विश्वास और हर बच्चे की आँखों में चमकती आशा से मापी जाती है।

युवाओं से राष्ट्र निर्माण का आह्वान

समारोह के समापन पर राधाकृष्णन ने युवाओं से आग्रह किया कि वे कृत्रिम बुद्धिमत्ता, हरित तकनीक और वैश्विक अवसरों का उपयोग कर साहस, रचनात्मकता और करुणा के साथ राष्ट्र निर्माण में योगदान दें।

उन्होंने कहा कि “रजत महोत्सव केवल अतीत का उत्सव नहीं, बल्कि भविष्य के लिए एक प्रतिज्ञा है — विकसित छत्तीसगढ़ से विकसित भारत की ओर।”

समारोह में राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

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Manish Tiwari

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