हाईकोर्ट से बड़ी खबर: ईडी गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली चैतन्य बघेल की याचिका खारिज, नहीं मिली राहत

बिलासपुर, 18 अक्टूबर 2025 |
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को बड़ी राहत देने से इनकार कर दिया है। ईडी द्वारा की गई गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली उनकी याचिका को खारिज कर दिया गया है। जस्टिस अरविंद कुमार वर्मा की सिंगल बेंच ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद 24 सितंबर को फैसला सुरक्षित रखा था, जिसे शनिवार को सुनाया गया।
याचिका में चैतन्य बघेल ने ईडी की कार्रवाई को असंवैधानिक और नियमों के खिलाफ बताया था, लेकिन अदालत ने ईडी की प्रक्रिया को सही ठहराते हुए याचिका को निरस्त कर दिया।
🔹 ईडी ने जन्मदिन के दिन की थी गिरफ्तारी
18 जुलाई को ईडी ने चैतन्य बघेल को उनके भिलाई निवास से धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत गिरफ्तार किया था। यह गिरफ्तारी उनके जन्मदिन के दिन हुई थी।
ईडी ने यह कार्रवाई शराब घोटाले से जुड़े प्रकरण में की थी, जिसकी जांच एसीबी/ईओडब्ल्यू रायपुर द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर प्रारंभ की गई थी।
🔹 जांच में सामने आया बड़ा घोटाला
ईडी की जांच में खुलासा हुआ कि शराब घोटाले के कारण प्रदेश के खजाने को करीब 2,500 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। यह रकम कथित तौर पर अवैध रूप से विभिन्न लाभार्थियों की जेब में पहुंचाई गई।
🔹 चैतन्य बघेल पर 16.70 करोड़ रुपये प्राप्त करने का आरोप
एजेंसी के अनुसार, चैतन्य बघेल को घोटाले से 16.70 करोड़ रुपये नगद मिले थे। उन्होंने इस धनराशि का उपयोग अपनी रियल एस्टेट कंपनियों के प्रोजेक्ट्स में किया।
जांच में सामने आया कि उन्होंने ठेकेदारों को नकद भुगतान, बैंक प्रविष्टियों के जरिए लेन-देन और फर्जी फ्लैट खरीदी जैसी प्रक्रियाओं के माध्यम से धन का लेन-देन किया।
ईडी का दावा है कि चैतन्य ने व्यापारी त्रिलोक सिंह ढिल्लों के साथ मिलीभगत कर “विठ्ठलपुरम प्रोजेक्ट” में ढिल्लों के कर्मचारियों के नाम पर फ्लैटों की खरीद दिखाई और इस आड़ में लगभग 5 करोड़ रुपये हासिल किए।
बैंकिंग ट्रेल से यह भी स्पष्ट हुआ है कि उसी अवधि में त्रिलोक सिंह ढिल्लों के खातों में शराब सिंडिकेट से भुगतान प्राप्त हुआ था।
🔹 पहले से ही जेल में कई बड़े नाम
इस मामले में ईडी पहले ही कई प्रमुख हस्तियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जिनमें शामिल हैं —
- पूर्व आईएएस अनिल टुटेजा,
- अरविंद सिंह,
- त्रिलोक सिंह ढिल्लों,
- अनवर ढेबर,
- आईटीएस अधिकारी अरुण पति त्रिपाठी,
- और पूर्व मंत्री एवं वर्तमान विधायक कवासी लखमा।
ईडी की जांच अब भी जारी है और एजेंसी इस घोटाले से जुड़े आर्थिक प्रवाह की तह तक जाने में जुटी है।



