रायपुर में भगवान जगन्नाथ का महा स्नान अनुष्ठान संपन्न : अब 15 दिन रहेंगे एकांतवास में – 27 जून को निकलेगी भव्य रथयात्रा: पुरंदर मिश्रा

रायपुर, 11 जून 2025 राजधानी के शंकर नगर स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर में आज स्नान पूर्णिमा के पावन अवसर पर भगवान श्री जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा का पारंपरिक महा स्नान अनुष्ठान पूर्ण श्रद्धा और आस्था के साथ संपन्न हुआ। 108 पवित्र कलशों से हुए जलाभिषेक के बाद भगवान अब 15 दिनों के लिए ‘अनासर’ अर्थात एकांतवास में चले गए हैं। इस दौरान मंदिर के पट बंद रहेंगे और आम श्रद्धालु दर्शन नहीं कर सकेंगे।
इस विशेष आयोजन में उत्तर विधानसभा क्षेत्र के विधायक एवं मंदिर समिति के अध्यक्ष पुरंदर मिश्रा विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने कहा, “भगवान जगन्नाथ की सेवा मेरा सौभाग्य है। स्नान पूर्णिमा हर वर्ष की तरह इस बार भी श्रद्धा और शांति से संपन्न हुई है। अब हम 27 जून को निकलने वाली भव्य रथयात्रा की तैयारियों में जुट गए हैं, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भागीदारी होगी।”

त्रिदोष निवारण के लिए औषधीय सेवा
मान्यता अनुसार जलाभिषेक के बाद भगवान को त्रिदोष (कफ, पित्त, वात) हो जाता है। इसी कारण उन्हें विश्राम हेतु एकांतवास दिया जाता है। इस दौरान उन्हें विशेष औषधीय सेवा दी जाती है – जिसमें जड़ी-बूटियां, फल और जौ से बनी औषधीय खिचड़ी अर्पित की जाती है।
27 जून को निकलेगी ऐतिहासिक रथयात्रा
श्री मिश्रा ने जानकारी दी कि 26 जून को नवयौवन दर्शन होगा और 27 जून को भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा जी नगर भ्रमण पर रथ पर सवार होकर निकलेंगे। उन्होंने कहा, “रथयात्रा सिर्फ धार्मिक अनुष्ठान नहीं, यह हमारी संस्कृति, आस्था और सामाजिक समरसता का महापर्व है। इस बार की रथयात्रा को और भव्य व जनसहभागिता से भरपूर बनाने की तैयारी चल रही है।”

लोक संस्कृति और युवाओं को मिलेगा मंच
इस आयोजन में ओड़िया एवं छत्तीसगढ़ी लोक संस्कृति को विशेष मंच मिलेगा। भजन मंडलियां, स्कूल-कॉलेज के छात्र और लोकनृत्य दल रथयात्रा महोत्सव में प्रस्तुति देंगे। हजारों श्रद्धालु रथ खींचने की परंपरा में भाग लेंगे।
संयम, श्रद्धा और सहयोग की अपील
मंदिर समिति के अध्यक्ष पुरंदर मिश्रा ने श्रद्धालुओं से अपील की कि अनासर काल में संयम बनाए रखें और 27 जून को रथयात्रा में पूरे श्रद्धा भाव से सम्मिलित होकर पुण्य लाभ प्राप्त करें। उन्होंने कहा, “यह आयोजन शांति, सुरक्षा और भक्ति से परिपूर्ण हो, यह हम सबकी जिम्मेदारी है। इस बार की यात्रा एक नई मिसाल बनेगी।”
रथयात्रा की तैयारी शुरू हो चुकी है, राजधानी रायपुर एक बार फिर भगवान जगन्नाथ के स्वागत में रंगेगी भक्ति और संस्कृति के रंग में।



