
भोपाल : मंगलवार, जुलाई 11, 2023। मप्र विधानसभा का मानसून सत्र मंगलवार से शुरू हो गया है। प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस महाकाल लोक, भ्रष्टाचार, आदिवासी अत्याचार और महंगाई जैसे मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ आक्रामक है। आज सुबह रैगांव से कांग्रेस विधायक कल्पना वर्मा टमाटर और मिर्च की माला पहनकर विधानसभा परिसर में पहुंचीं। उन्होंने कहा कि सब्जियों के दाम आसमान छू रहे हैं, लेकिन सरकार को इसकी कोई परवाह नहीं है।
सुबह 11 बजे सदन की कार्यवाही प्रारंभ होते ही कांग्रेस के कांतिलाल भूरिया ने आदिवासी अत्याचार का विषय उठाया। इस पर संसदीय कार्य मंत्री डा. नरोत्तम मिश्रा ने आपत्ति उठाते हुए कहा कि ये राष्ट्रगीत वंदेमातरम का अपमान कर रहे हैं। मैं इसकी निंदा करता हूं। इस पर कांग्रेस के सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि यह गलतबयानी हो रही है। वंदेमातरम प्रारंभ नहीं हुआ था। दोनों पक्षों से इसको लेकर अपनी-अपनी बात रखी जाने लगी तो अध्यक्ष गिरीश गौतम ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि विधानसभा की मान्य परंपरा के अनुसार सदन की कार्यवाही वंदेमातरम से प्रारंभ होती है। मैंने टोका भी कि पहले वंदेमातरम हो जाने दें, फिर अपनी बात रखें पर आप शांत नहीं हुए, यह दुखद है। डा. मिश्रा ने कहा कि इस कृत्य के लिए नेता प्रतिपक्ष माफी मांगें। हंगामा बढ़ते देख विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही 10 मिनट के लिए स्थगित कर दी।
आसंदी सरकार के आगे नतमस्तक
10 मिनट बाद दोबारा शुरू हुए सत्र में कांग्रेस नेता सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि सरकार पेशाब कांड पर चर्चा नहीं करना चाहती है। सज्जन संह वर्मा ने कहा कि मुझे लगता है कि चेंबर में फैसला हो गया होगा। आदिवासी भाई-बहनों पर, आसंदी सरकार के आगे नतमस्तक है। नेता प्रतिपक्ष डा. गोविंद सिंह ने कहा कि सीधी में आदिवासी वर्ग के व्यक्ति के साथ जो घटना हुई है, उसने हम सबका सिर शर्म से झुका दिया है। हमने सदन में प्रस्ताव दिया है, काम रोककर चर्चा कराई जाए। पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ ने कहा कि देश और विदेश में इस घटना के कारण प्रदेश कलंकित हुआ है। केंद्र सरकार के आंकड़ों के अनुसार ही आदिवासियों के सर्वाधिक अत्याचार मध्य प्रदेश में हो रहे हैं। इस पर संसदीय कार्य मंत्री डा. नरोत्तम मिश्रा ने आपत्ति उठाते हुए कहा कि जब एक विषय सदन के सामने रखा जा चुका है तो फिर उस पर इस तरह चर्चा नहीं होनी चाहिए। इस आपत्ति पर पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि कार्य मंत्रणा समिति और सर्वदलीय समिति पर इस पर चर्चा हो चुकी है। विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम ने इसे नकारते हुए कहा कि कार्य मंत्रणा समिति में कोई निर्णय नहीं हुआ है। यह विषय मेरे सामने आया है, अब मुझे निर्णय करने दीजिए। इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस के विधायक आसंदी के सामने आ गए और तुरंत चर्चा कराने की मांग करने लगे। सरकार की ओर से कहा गया कि कांग्रेस इस मामले में आदिवासी हितैषी होने का ढोंग कर रही है। संबंधित व्यक्ति की गिरफ्तारी हो चुकी। घर पर बुलडोजर चलाया गया है, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने चरण पखारे हैं। कांग्रेस केवल वोट की राजनीति कर रही है। हंगामा बढ़ता देख विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही कल तक के लिए स्थगित कर दी। इससे पहले हंगामे के दौरान ही गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने हुक्का बार पर प्रतिबंध के लिए संशोधन विधेयक प्रस्तुत कर दिया।
दिवंगतों को दी श्रद्धांजलि
सदन ने विधानसभा के भूतपूर्व सदस्य मधुकर हर्णे, रमेश शर्मा, पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रकाश सिंह बादल, रतन लाल कटारिया, पूर्व मुख्य सचिव निर्मला बुच, इंदौर के बेलेश्वर महादेव झूलेलाल मंदिर में बावड़ी की छत, खरगोन जिले के डोंगरगांव में बोराड़ नदी पुल से यात्री बस गिरने और ओडिशा के बालासोर जिले के बहानागा रेलवे स्टेशन के पास हुए भीषण हादसे में हुई जनहानि को लेकर श्रद्धांजलि दी गई।
सीधी कांड सोची समझी साजिश: मंत्री उषा ठाकुर
मंत्री उषा ठाकुर से मीडिया से कहा कि पिछले दिनों जो भी घटनाएं हुई हैं, वो सब सोची समझी साज़िश है। मंत्री उषा ठाकुर ने मांग की है कि सीधी कांड में आरोपी के साथ वीडियो बनाने वाले पर भी कार्रवाई हो। वीडियो बनाने वाले पर भी वही धारायें लगाई जाए। ये सब सोचा समझा षड्यंत्र है। अगर आप बारीकी से विश्लेषण करेंगे तो पाएंगे। अभी आपने देखा की जो पेशाब कांड हुआ भारतीय जनता पार्टी किसी भी दोषी को बढ़ावा नहीं देती है। अपना हो या पराया हो, दंड कठोरतम मिलेगा। अगर संविधान का उल्लंघन हुआ है। समाज से मेरी प्रार्थना है। इस प्रकार का घटनाक्रम घट रहा है और कोई उसका वीडियो बना रहा है। तो उस वीडियो बनाने वाले पर भी वो ही धाराएँ लगनी चाहिए, जो संविधान का उल्लंघन किस प्रकार से कर रहा है। वीडियो से नैतिकता और मनुष्यता कभी भी शर्मसार नहीं होनी चाहिए। कठोरता कार्रवाई होनी चाहिए।



