छत्तीसगढ़ में धान पर सियासत तेज! गड़बड़ी के आरोपों पर सीएम बघेल ने पीयूष गोयल को दिया जवाब

छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव से पहले धान और चावल को लेकर सियासत तेज हो गई है. केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल (Piyush Goyal) ने रायपुर में कांग्रेस सरकार पर गड़बड़ी का आरोप लगाया तो सीएम भूपेश बघेल(Bhupesh Baghel) केंद्रीय मंत्री के आरोपों को झूठा बता रहे है यहां तक बीजेपी पर छत्तीसगढ़िया लोगों दबाने का आरोप लगाया. क्या विधानसभा चुनाव जीतने के लिए छत्तीसगढ़ में धान खरीदी का मुद्दा सबसे जरूरी है, जानते हैं क्यों हो रही है धान पर सियासत…
केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पियूष गोयल ने रायपुर में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर 65 हजार मीट्रिक टन अनाज की गड़बड़ी का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि ”मैं सरप्राइज इंस्पेक्शन के लिए छत्तीसगढ़ आया हूं. गड़बड़ी के आधार पर ही स्टेट गवर्मेंट को एडवाइजरी भी जारी की गई है. केंद्र से भेजे गए मुफ्त अनाज देने के मामले में राज्य सरकार ने अपनी जिम्मेदारी को ठीक से नहीं निभाया है. राज्य सरकार हमारे लिए धान खरीदती है. उसका शत प्रतिशत पैसा केंद्र सरकार देती है. इसके अलावा पीयूष गोयल ने ये भी कहा कि कोई मंत्री ये दावा करता है कि वो धान खरीदते हैं तो उनपर अधिकारियों को मुकदमा करना चाहिए.”
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल का सीएम भूपेश को चैलेंज
इसके अलावा पीयूष गोयल ने सीएम भूपेश बघेल को चैलेंज देते हुए कहा कि आपको जितनी इच्छा उतना चावल दीजिए. आप 100 लाख टन चावल दीजिए, जितने जुट बैग चाहिए लीजिए. लेकिन लोगों को भ्रमित मत करिए. छत्तीसगढ़ सरकार ने किसानों की बायोमेट्रिक एंट्री करने से इंकार किया है, इससे भी कोई न कोई गड़बड़ी लग रही है. सरकार बिचौलिए को फायदा पहुंचाना चाहती है.
झूठ बोल रहे केंद्रीय मंत्री- सीएम बघेल
इस आरोप पर सीएम बघेल ने शनिवार को जवाब दिया. उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि इनका काम केवल झूठ बोलना है. आज से चार साल पहले पीयूष गोयल ने कहा कि आप समर्थन मूल्य से ज्यादा में धान खरीद रहे हैं इसलिए हम आपका चावल नहीं खरीद रहे हैं. चावल का कोटा नहीं बढ़ाया इसके चलते हमें बाजार में धान बेचने पड़ा. अभी फिर से आकर झूठ बोल रहे हैं.
छत्तीसगढ़िया से सरकार को दिक्कत- सीएम बघेल
सीएम बघेल ने कहा कि केंद्र सरकार को छत्तीसगढ़िया से बहुत तकलीफ है. अब छत्तीसगढ़ महतारी की तस्वीर लगाई है. लेकिन तस्वीर वहां लगाई गई है जहां पैर पड़ता है. यानी (BJP) लगातार छत्तीसगढ़िया को पैरों तले रौदते रहे हैं. इनकी मानसिकता नहीं जाएगी. चोर चोरी से जाए हेरा फेरी से न जाए. अब इनको कौशल्या माता का नाम याद आ रहा है.
छत्तीसगढ़ को धान का कटोरा कहा जाता है, राज्य में 60 प्रतिशत अधिक आबादी खेती किसानी से जुड़ी हुई है. राज्य में एमएसपी पर धान बेचने वालों की पंजीकृत संख्या 24 लाख से अधिक है. पिछले सीजन में किसानों ने 107 लाख मिट्रिक टन धान बिक्री की है. राज्य निर्माण के बाद पहली बार इतनी अधिक मात्रा में धान खरीदी हुई है. सरकार की ओर से 9 हजार रुपए प्रति एकड़ सब्सिडी दी जा रही है जिसे उपज बढ़ने का कारण माना जाता है.



