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पुलिसकर्मियों के समयमान वेतनमान पर अफसरों ने मारी कंडली

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-पीएचक्यू ने मैदानी अफसरों को पत्र लिखकर समस्या का समाधान करने का दिया निर्देश
भोपाल : शुक्रवार, अगस्त 4, 2023। अभी हाल ही में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में निर्णय लिया गया कि जिन सरकारी कर्मचारियों-अधिकारियों को नौकरी करते 35 साल या इससे अधिक समय हो गया है, 1 जुलाई 2023 से चतुर्थ समयमान-वेतनमान स्वीकृत होगा। हाल ही में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्य प्रशासनिक सेवा, राज्य पुलिस सेवा और वित्त सेवा के अधिकारियों को पांचवां समयमान-वेतनमान दिया है। बाकी कैडर की भी डिमांड थी, जिसे कैबिनेट से मंजूरी मिल गई। लेकिन विड़बना यह देखिए की मप्र पुलिस के जिम्मेदार आला अफसर अपने मातहतों को समयमान वेतनमान देने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। परिणाम स्वरूप अधिकारियों और कर्मचारियों को समयमान वेतनमान के लिए लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है।
समयमान वेतनमान लंबित होने के मामले को गंभिरता से लेते हुए पुलिस मुख्यालय की ओर से राज्य की तमाम पुलिस इकाइयों को बार-बार पत्र लिखे गए हैं। इसके बावजूद अधिकारियों और कर्मचारियों को मिलने वाले समयमान वेतनमान का निर्धारण समय पर नहीं किया जा रहा है, लिहाजा उनकी समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। पुलिस मुख्यालय जिला इकाइयों को पत्र लिखकर फिर निर्देशित किया है कि अधिकारियों और कर्मचारियों के समयमान- वेतनमान को लेकर दिए गए निर्देश का पालन अनिवार्य रूप से करें।
10 माह बाद भी आदेश का पालन नहीं
जानकारी के अनुसार पुलिस मुख्यालय ने करीब 10 माह पहले यानी 27 सितंबर 2022 को अधिकारियों और कर्मचारियों के समयमान- वेतनमान के संबंध में पत्र लिखा था। तब से अब तक उस आदेश का पालन इकाइयों द्वारा नहीं किया गया है। लिहाजा अब पीएचक्यू ने फिर सभी पुलिस इकाइयों को पत्र लिखकर अधिकारियों और कर्मचारियों को समय पर समयमान वेतनमान दिए जाने का आदेश दिया है। पीएचक्यू की ओर से भेजे गए पत्र में लिखा है, सीधी भर्ती के सभी संवर्ग के अधिकारियों और कर्मचारियों को समयमान वेतनमान देने की कार्यवाही उस संवर्ग के सीधी भर्ती के पद पर नियुक्तकर्ता अधिकारी की अध्यक्षता में रेंज स्तरीय गठित समिति द्वारा किए जाने का प्रावधान है। यह देखने में आ रहा है कि सीधी भर्ती के अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा निर्धारित समयावधि पूरी करने के बावजूद उन्हें समयमान वेतनमान नहीं दिया जा रहा है और कार्यवाही में विलंब किया जा रहा है। परिणाम स्वरूप अधिकारियों और कर्मचारियों को समयमान वेतनमान के लिए लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है।
इस बार दिए गए सख्त निर्देश
सूत्रों का कहना है कि पुलिस मुख्यालय द्वारा इस बार जो पत्र लिखा गया है उसमें सख्त निर्देश दिए गए हैं। पीएचक्यू की ओर से भेजे गए पत्र में यह भी कहा कि अगर किसी अधिकारी कर्मचारी का स्थानांतरण अन्यत्र जिला अथवा दूसरी इकाई में हो जाता है, तो उसे समयमान वेतनमान की पात्रता अपनी पूर्व इकाई में पदस्थापना के समय से होती है। स्थानांतरण के बाद अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रकरण वर्तमान इकाई द्वारा उनकी पूर्व इकाई को प्रेषित किए जाते हैं, इसके बावजूद उन्हें समयमान वेतनमान नहीं मिल पाता है। मैदानी अधिकारियों का यह रवैया ठीक नहीं है। समस्त शाखाओं और जिला इकाइयों को निर्देशित किया जाता है कि अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा समयमान वेतनमान प्राप्त करने की पात्रता पूर्ण होने के बाद उन्हें समयमान वेतनमान स्वीकृत करने की कार्यवाही तत्काल शुरू की जाए। यह भी स्पष्ट किया जाता कि यदि किसी अधिकारी और कर्मचारी का स्थानांतरण अन्यत्र किसी दूसरी इकाई में हो जाता है और यदि संबंधित अधिकारी और कर्मचारी को समयमान वेतनमान की पात्रता उसकी पूर्व की जिला इकाई की पदस्थापना के दौरान आती है, तो ऐसी स्थिति में संबंधित अधिकरियों और कर्मचारियों का समयमान वेतनमान स्वीकृत करने की कार्यवाही वर्तमान पदस्थापना वाली इकाई करेगी। किसी भी अधिकारी और कर्मचारी का प्रकरण उनकी पूर्व इकाई को नहीं भेजा जाएगा।

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Shelendra Shrivas

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