गणित जीवन के हर क्षेत्र में मौजूद – प्रो डा ओंकार लाल श्रीवास्तव

रायपुर |शासकीय नागार्जुन विज्ञान महाविद्यालय, रायपुर में गणित विभाग एवं छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं तकनीकी परिषद, रायपुर द्वारा आयोजित गणित दिवस संबंधी कार्यक्रमों के क्रम में शासकीय कमलादेवी राठी कन्या पी.जी. महाविद्यालय राजनांदगांव के विद्वान प्रोफेसर डॉ. ओंकार लाल श्रीवास्तव का व्याख्यान संपन्न हुआ। उनके व्याख्यानों का विषय भारतीय गणित का इतिहास था।

कार्यक्रम के प्रारंभ में प्राचार्य डॉ. पी.सी. छात्रों को संबोधित करते हुए चौबे ने कहा कि वैदिक गणित के माध्यम से जो गणना पहले सूत्रों के माध्यम से की जाती थी वह अब कंप्यूटर के माध्यम से बहुत आसानी से की जा रही है। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता न सिर्फ गणितज्ञ हैं बल्कि जैव विविधता प्रबंधन समिति राजनांदगांव के अध्यक्ष भी हैं। उन्होंने अपने संबोधन की शुरुआत गणित के एक श्लोक से की जिससे पता चलता है कि गणित जीवन के हर क्षेत्र में मौजूद है। व्याख्यान के दौरान भास्कराचार्य द्वितीय, महावीराचार्य, वराहमिहिर और ब्रह्मगुप्त द्वारा लिखित ग्रंथों पर चर्चा की गई। सभी छात्रों ने बड़े उत्साह के साथ उनके रोचक व्याख्यान का आनंद लिया और उनसे विषय से संबंधित प्रश्न पूछे।
कार्यक्रम में गणित विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. आर.ए. सिद्दीकी, डॉ. वर्षा करंजगांवकर, डॉ. एम.एस. गुप्ता, डॉ. बी.पी. त्रिपाठी, श्री अशोक आदिल उपस्थित थे। विद्यार्थियों ने पूरे कार्यक्रम को बड़े चाव से सुना और सभी ने आयोजन की सराहना की।



