Mann Ki Baat@100: पीएम बोले- ‘मन की बात’ देशवासियों की अच्छाइयों का अनोखा पर्व, मेरे लिए यह आध्यात्मिक यात्रा

PM Modi Mann ki Baat 100th Episode Updates : प्रधानमंत्री मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम के आज 100 एपिसोड पूरे हो गए। हर महीने के अंतिम रविवार को प्रसारित होने वाले इस कार्यक्रम को खूब पसंद किया जाता है। इस बार के ऐतिहासिक एपिसोड को यादगार बनाने के लिए देश में जगह-जगह इसकी लाइव स्क्रीनिंग की गई और करोड़ों लोगों ने इसे लाइव सुना।
राजनीति से हटकर सामाजिक मुद्दों पर केंद्रित: सिंधिया
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने आज दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 100वें एपिसोड को सुना। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 100वें एपिसोड पर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि ये परिचर्चा, मन की भावनाएं, राजनीति से हटकर सामाजिक मुद्दों पर केंद्रित रही हैं। इस माध्यम से केवल एक संवाद नहीं बल्कि इसके माध्यम से पूरे देश के लोगों की विचारधारा और ऐसी कहानियां जो इतिहास के पल में लुप्त हो जाती हैं, उन्हें उजागर करने का कार्य हुआ है।
पढ़ें प्रदीप सांगवान से पीएम मोदी की बातचीत
प्रधानमंत्री ने कहा, ”प्रदीप सांगवान आज हमारे साथ हैं, जिन्होंने हीलिंग हिमालया फाउंडेशन की शुरुआत की थी। प्रदीप जी, आपने हिमालय को हील करने की सोची। आजकल आपका अभियान कैसे चल रहा है।”
प्रदीप सांगवान ने कहा, ”जितना काम हम पहले पांच साल में करते थे, 2020 के बाद से अब एक साल में ही हो जाता है। हम पहले संघर्ष कर रहे थे। लोग सपोर्ट नहीं कर पा रहे थे या तवज्जो नहीं दे रहे थे। जब मन की बात में इसका जिक्र हुआ तो बहुत सारी चीजें बदल गईं। आज हम रोज पांच टन कचरा इकट्ठा करते हैं। यकीन नहीं मानेंगे कि मैं एक वक्त पर हौसला छोड़ चुका था, मन की बात में जिक्र होने के बाद एकदम बदलाव आया। पता नहीं कैसे आप हमें ढूंढ लेते हैं। हम हिमालय में जाकर काम करते हैं। आपने वहां हमें ढूंढा। तब मेरे लिए यह भावुक क्षण था कि देश के प्रथम सेवक से मैं बात कर पाया हूं।”
इस पर प्रधानमंत्री ने कहा, ”आप हिमालय की चोटियों पर सच्चे अर्थों में साधना कर रहे हैं। मुझे विश्वास है कि आपका नाम सुनते ही लोगों को याद आता होगा कि आप कैसे पहाड़ों के स्वच्छता अभियान में जुड़े हैं। मुझे विश्वास है कि आपके प्रयासों से, चर्चा से, कितने ही पर्वतारोही इस अभियान से जुड़े हैं। अच्छी बात है।”
पर्यावरण को लेकर मन की बात का प्रयास भी जारी: पीएम
पीएम मोदी ने कहा कि मैं हमेशा ही कहता हूं कि हमें विदेश में टूर जाने से पहले अपने देश के टूरिज्म प्लेसों पर जाना चाहिए। ऐसे ही हमने स्वच्छ सियाचिन, सिंगल यूज प्लास्टिक और ई-वेस्ट पर भी बात की है। आज दुनिया जिस पर्यावरण को लेकर इतनी परेशान है, उसे लेकर मन की बात का प्रयास भी जारी है। मुझे यूनेस्को की डीजी का बयान भी आया है। उन्होंने मन की बात के 100वें एपिसोड पर बधाई दी है और एक संदेश भी भेजा है।
मंजूर अहमद का जिक्र हुआ
प्रधानमंत्री ने कहा, ”जम्मू-कश्मीर की पेंसिल स्लेट्स के बारे में बताते हुए मंजूर अहमद का जिक्र हुआ था। मन की बात के इस सौवें एपिसोड में आपसे बात करके मुझे बहुत अच्छा लग रहा है। ये पेंसिल स्लेट्स का काम कैसा चल रहा है?”
मंजूर अहमद ने कहा, ”बहुत अच्छे से चल रहा है। जब से आपने हमारी बात मन की बात में कही, तब से बहुत काम बढ़ गया है। दूसरों को रोजगार मिल रहा है। मेरे पास दौ सौ से ज्यादा लोग हैं। एक-दो महीने में और दो सौ लोगों को रोजगार बढ़ जाएगा।”
प्रधानमंत्री ने कहा, ”मुझे बहुत खुशी हुई। मुझे बराबर याद है। उस दिन आपने मुझे कहा था कि यह ऐसा काम है, जिसकी कोई पहचान नहीं है। आपको इसकी पीड़ा भी थी। आपको इस पर मुश्किल भी होती थी। अब पहचान भी बन गई। दो सौ से ज्यादा लोगों को रोजगार दे रहे हैं। विस्तार करके और दो सौ लोगों को रोजगार दे रहे हैं। खुशी की खबर है।”
मंजूर अहमद ने इस पर कहा, ”किसानों को भी फायदा मिला। दो हजार का पेड़ अब पांच हजार का हो गया है। इतनी मांग बढ़ गई है। पहचान भी मिल रही है।”
प्रधानमंत्री ने कहा, ”देखिए, वोकल फॉर लोकल की ताकत कितनी जबर्दस्त है, यह आपने धरती पर उतारकर दिखा दी। मेरी तरफ से आपको और गांव के सभी किसानों को, आपके साथ काम कर रहे सभी साथियों को भी मेरी तरफ से बहुत-बहुत शुभकामनाएं।”
‘मन की बात’ में कई जनआंदोलनों ने जन्म लिया: पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कहा कि मन की बात में कितने ही जनआंदोलनों ने जन्म लिया और गति भी पकड़ी है। जब देश में बने खिलौनों को फिर से जोर देने की बात चली तो इस कार्यक्रम ने अहम भूमिका निभाई। भारतीय नस्ल के श्वान, उनको लेकर जागरुकता बढ़ाने का काम भी तो मन की बात में ही हुई थी। हमने मन की बात में ही तो प्रण लिया था कि हम छोटे दुकानदारों से मोलभाव नहीं करेंगे। जब हर घर तिरंगा अभियान शुरू हुआ था, तब इस कार्यक्रम ने लोगों को प्रेरित करने में अहम भूमिका निभाई थी



