संदिग्ध खाद के मामले में तत्कालीन एसडीएम को अगामी 10 दिनों में लिखित जवाब पेश करने का निर्देश

कोंडागांव जिले के ब्लॉक केशकाल के राजस्व अनुविभाग अन्तर्गत ग्राम सिलाटी में 5 जनवरी को कृषि विभाग व राजस्व विभाग द्वारा खाद भरे दो ट्रक को पकड़ा गया था । ट्रक चालकों से खाद के कागजात मांगने पर उन्होंने कोई भी कागज न होने की बात कही जिस पर कृषि विभाग के अधिकारी द्वारा जांच आरंभ कर पंचनामा बनाकर खाद जप्त कर खाद लदे दोनों ट्रक को पुलिस थाना धनौरा के सुपुर्द किया गया था।

दोनो ट्रकों से पकड़ा गया 482 बोरी खाद को धनोरा से लैंप्स गोदाम केसकाल में रखवाया था किंतु केसकाल लैंप्स प्रबधक सुरेंद्र बघेल से जानना चाहा कि धनोरा से किन आधिकारी के कहने पर केसकाल गोदाम मे रखवाया उसके जवाब में लैंप्स प्रबंधक केसकाल ने बताया की तत्कालीन एसडीएम केसकाल ने कॉल करके पकडे गये खाद को केसकाल गोदाम में रखवाने का जवाब दिया व खाद धनोरा से कौन सी गाड़ियों से लाया वा किराया किसने दिया इस पर मुझे जानकारी नहीं होना बताया
कृषि विभाग द्वारा मामले में प्रकरण पंजीबद्ध कर जिला कलेक्टर व जिला कृषि अधिकारी को भेजने की जानकारी केसकाल कृषि विभागीय सूत्रो से प्राप्त हुई है। अब मामले की जांच कलेक्टर जिला कोंडागांव द्वारा आरंभ करने की जानकारी सूत्रो से मिली है और 5जनवरी की शाम धनौरा पुलिस थाना को तत्कालीन एसडीएम केसकाल ने थाना प्रभारी धनोरा को दोनों ट्रक को छोड़ने का लिखीत आदेश जारी कर ट्रक को छोड़ने की जानकारी थाना प्रभारी यशवंत सिंह ने मीडिया को दी है।
इसी दरम्यान इस मामले में अजीबोगरीब ढंग से नया मोड़ आ गया और तत्कालीन अनुविभागीय अधिकारी राजस्व केशकाल के द्वारा 5जनवरी को ही ट्रकों को छोड़ने का आदेश जारी कर दिया गया । पुलिस थाना धनौरा द्वारा भी अनुविभागीय अधिकारी राजस्व के द्वारा जारी किये गये आदेश पर ट्रकों को छोड़ दिया गया। जिसके बाद केसकाल से कुछ मीडिया में प्रकाशित सामाचार आने पर धनौरा थाना में रखवाया गया खाद धनौरा से परिवहन कराकर केशकाल लैम्प्स के गोदाम में लाकर रखवा दिया गया।
जब इस मामले में शिकवा शिकायत होने लगी तथा समाचार प्रकाशित होने लगा और ट्रकों को छोड़ें जाने तथा खाद का परिवहन करवाकर केशकाल लैम्प्स लाये जाने के बारे में सवाल उठने लगा तो आनन फानन में केशकाल लैम्प्स में रखवाये गये खाद को फिर से धनौरा थाना प्रभारी द्वारा परिवहन करवाकर धनौरा ले जाया गया।
पकड़े गये खाद को लेकर कृषि विभाग द्वारा जांच प्रतिवेदन तैयार कर जिला कलेक्टर के पास प्रस्तुत किया गया ।
इस बीच केशकाल के पूर्व विधायक कृष्ण कुमार ध्रुव ने कृषि मंत्री रामविचार नेताम व राज्य मुख्य सचिव कृषि व कृषि विभाग के उच्चाधिकारियों को पत्र प्रेषित कर सूक्ष्म जांच की मांग की गई।
जिला कलेक्टर कुणाल दुदावत ने भी मामले को गंभीरता से लिया और संबंधितों को 29जनवरी को सुनवाई हेतु नोटिस प्रेषित करवाया ।
विश्वसनीय सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार 29 जनवरी को तत्कालीन अनुविभागीय अधिकारी राजस्व शंकरलाल सिन्हा तथा कृषि अधिकारी और खाद विक्रेता परिवहनकर्ता कलेक्टर के न्यायालय में उपस्थित हुए, प्रारंभिक सुनवाई करते हुए कलेक्टर ने अपना अपना पक्ष आगामी सुनवाई तिथि तक प्रस्तुत करने आदेशित किया है।



