Jammu Kashmir में बेघर परिवारों को मिलेंगे 40 हजार घर, 24 घंटे बिजली; विकास व रोजगार के बढ़ेंगे अवसर

जम्मू, राज्य ब्यूरो। जम्मू कश्मीर का साल 2023-24 का बजट प्रदेश की तस्वीर बदलने में सहायक होगा। समावेशी विकास को गति तो मिलेगी साथ ही रोजगार के अवसर पैदा होंगे। बजट में शिक्षा, स्वास्थ्य, बागवानी, कृषि, उद्योगों से लेकर सड़कों, गांवों के विकास की तस्वीर बदलने के लिए पर्याप्त धनराशि का प्रविधान है। अमृत काल के जम्मू कश्मीर के वर्ष 2023-24 बजट में सुशासन, जमीनी स्तर पर लोकतंत्र को मजबूत करना, सतत कृषि को बढ़ावा देना, निवेश को बढ़ावा देना, औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन, तेजी से विकास और समावेशी विकास, महिला सशक्तीकरण और अगले पांच साल में जीडीपी को दोगुना करने का लक्ष्य रखा गया है।
पिछले वर्ष जम्मू-कश्मीर में आर्थिक विकास दर में 14.64 और टैक्स राजस्व में 31 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। वर्ष 2023-24 में आर्थिक विकास दर 10 प्रतिशत बढ़ने की संभावना है। कृषि, बागवानी और संबंधित क्षेत्रों में 2,87,910 लोगों के लिए अतिरिक्त रोजगार के अवसर पैदा किए जाएंगे। लोकसभा ने मंगलवार को जम्मू कश्मीर के वर्ष 2023-24 के 118500 करोड़ के बजट को पारित कर दिया। जम्मू कश्मीर को विकास का माडल बनाने की दिशा में आगे बढ़ते हुए बजट में हर सेक्टर में पर्याप्त धनराशि का प्रविधान है। बजट में पंचायत राज संस्थानों और शहरी स्थानीय निकायों के लिए 1313 करोड़ रुपये का प्रविधान रखा गया है।
जिला विकास परिषद (डीडीसी) और ब्लाक विकास परिषद के (बीडीसी) लिए 271. 25 करोड रुपये उपलब्ध होंगे। प्रदेश के जम्मू और श्रीनगर शहरों में लाइट मेट्रो रेल को शुरू करने की योजना है। वहीं सीमांत क्षेत्रों के विकास के लिए समृद्ध सीमा योजना के तहत पचास करोड़ रुपये रखे गए हैं। एक जिला एक उत्पाद को बढ़ावा दिया जाएगा। जम्मू कश्मीर में बिजली की सप्लाई शहरी क्षेत्रों में 24 और ग्रामीण क्षेत्रों में 22 घंटे मुहैया करवाने की दिशा में काम होगा। जम्मू, श्रीनगर और अन्य शहरों में महिला हाट और महिलाओं के लिए विशेष मार्केट स्थापित की जाएगी। पिछले 10 महीनों के दौरान 1547 .87 करोड़ रुपये का निवेश आया है।
पिछले तीन साल के दौरान 500 स्टार्टअप शुरू हुए हैं। जम्मू कश्मीर में कानून एवं व्यवस्था की स्थिति में सुधार आया है। जारी वर्ष में अब तक 1.88 करोड़ पर्यटक जम्मू कश्मीर आए हैं। अगले पांच वर्ष में 18,861 नई बिजनेस इकाइयां स्थापित की जाएंगी। हर गांव तक सड़क पहुंचाने की कोशिश होगी। सभी बीस जिलों में जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र स्थापित होंगे। जम्मू में अस्सी मेगावाट और श्रीनगर में तीन मेगावाट के सोलर पावर प्लांट स्थापित होंगे। स्वरोजगार की योजनाओं के तहत वित्त वर्ष 2023-24 में तीन लाख युवाओं को कवर किया जाएगा। कृषि में विकास के 29 प्रोजेक्ट के लिए अगले पांच साल में 5012 करोड़ रुपये रखे गए हैं।



