महिला आरक्षण बिल अटका: विपक्ष पर बदनीयती का आरोप, देवेंद्र प्रताप सिंह बोले—मातृशक्ति से धोखा

नई दिल्ली/रायपुर/रायगढ़
केंद्र सरकार द्वारा लाए गए नारी शक्ति वंदन संशोधन विधेयक को विपक्ष का समर्थन नहीं मिला। विपक्ष के विरोध के कारण यह महत्वपूर्ण बिल पास नहीं हो सका। इस पर छत्तीसगढ़ से राज्यसभा सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह ने गहरा दुख और नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों, खासकर कांग्रेस की बदनीयती और जिद के कारण राजनीति में महिलाओं को आरक्षण देने वाला यह ऐतिहासिक विधेयक अटक गया। देवेंद्र प्रताप सिंह ने इसे मातृशक्ति के साथ किए गए बड़े धोखे के रूप में बताया।
सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा, “यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि विपक्षी दलों और कांग्रेस की जिद तथा बदनीयती के चलते महिला आरक्षण का रास्ता अवरुद्ध हो गया। मातृशक्ति इस धोखे को कभी माफ नहीं करेगी। प्रधानमंत्री जी ने बहुत विनम्रता से अपील की थी कि यह मातृशक्ति को उनका हक दिलाने का सुनहरा मौका है। परिसीमन को लेकर विपक्ष की जो भी आपत्तियां थीं, उनका समाधान कर दिया गया था। फिर भी बिल के खिलाफ वोट करना साफ दिखाता है कि कांग्रेस और विपक्ष महिलाओं के अधिकारों के खिलाफ खड़े हैं।”
राज्यसभा सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह ने आगे कहा, “माताओं-बहनों ने बड़ी उम्मीद और उत्सुकता से इस दिन का इंतजार किया था। मातृशक्ति की बढ़ी हुई भागीदारी से देश विकास की नई ऊंचाइयों को छूता, लेकिन विपक्ष इसे सहन नहीं कर सका। आज मातृशक्ति उदास और दुखी है। यह पीड़ा भरा पल है। शताब्दियों से मातृशक्ति के साथ हो रहे अन्याय को दूर करने का सुनहरा अवसर मिला था, जो विपक्ष की बदनीयती के कारण हाथ से निकल गया।”
“विपक्ष की असली सच्चाई उजागर हो गई” :
देवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा, “महिलाओं की बड़ी-बड़ी बातें करने वाले विपक्षी दलों की असली सच्चाई अब सामने आ चुकी है। वे नहीं चाहते कि महिलाओं की भागीदारी संसद और विधानसभाओं में बढ़े। आज यह बहुत दुख और अफसोस का दिन है। राजनीति में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन मातृशक्ति को हक दिलाने और देशहित के मामले में सबको एकजुट होना चाहिए था, जो नहीं हुआ। इससे साफ हो गया है कि परिवारवादी दलों को समावेशी राजनीति में कोई दिलचस्पी नहीं है। उन्हें माताओं-बहनों को अधिकार देने में कोई रुचि नहीं, बस उन्हें दबाए रखने में रुचि है।”
सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह ने पूरे देश में कांग्रेस और विपक्षी दलों के प्रति बढ़ रहे गुस्से का जिक्र करते हुए कहा, “पूरे देश में कांग्रेस और विपक्षी दलों के खिलाफ भारी आक्रोश है। मातृशक्ति और भारत की जनता इन्हें कभी माफ नहीं करेगी।”



