
रायपुर, 17 जुलाई 2026। केंद्रीय जेल रायपुर में महिला बंदियों के सर्वांगीण सुधार और समाज की मुख्यधारा में उनके सम्मानजनक पुनर्वास के लिए एक अनूठी पहल शुरू की गई है। जेल प्रशासन द्वारा संचालित निश्चय कार्यक्रम के तहत महिला बंदियों को व्यावसायिक प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है, जिससे जेल के भीतर ही उनके लिए रोजगार के अवसर तैयार हो रहे हैं।
60 महिला बंदियों को मिला अचार और मसाला निर्माण का प्रशिक्षण
केंद्रीय जेल रायपुर में विभिन्न अपराधों के तहत बंद 60 महिला बंदियों को अचार (पिकल) एवं मसाला निर्माण का विशेष व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य उन्हें भविष्य में स्वयं का व्यवसाय स्थापित करने के योग्य बनाना है।
प्रशिक्षण के दौरान महिला बंदियों को खाद्य उत्पाद निर्माण, गुणवत्ता नियंत्रण, स्वच्छता, पैकेजिंग और सुरक्षित भंडारण से जुड़ी व्यावहारिक जानकारी दी गई। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद महिला बंदियों ने जेल के महिला प्रकोष्ठ में नियमित रूप से अचार निर्माण शुरू कर दिया है।
आस्था गृह उद्योग के जरिए मिल रहा बाजार, आत्मनिर्भर बन रहीं बंदी
महिला बंदियों द्वारा पूरी स्वच्छता के साथ आम, नींबू, गाजर और लहसुन सहित विभिन्न वैरायटी के स्वादिष्ट और हाइजीनिक अचार तैयार किए जा रहे हैं। इन उत्पादों की बिक्री के लिए विशेष व्यवस्था की गई है।
तैयार अचार केंद्रीय जेल परिसर स्थित आस्था मुंगोडी सेंटर (आस्था गृह उद्योग स्टॉल) और जेल कैंटीन के माध्यम से आम नागरिकों के लिए उपलब्ध कराया जा रहा है। बिक्री से होने वाली आय का एक हिस्सा सीधे महिला बंदियों के खातों में जमा किया जा रहा है, जिससे वे आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बन रही हैं।
जेल सकारात्मक परिवर्तन का केंद्र : जेल अधीक्षक
केंद्रीय जेल रायपुर के अधीक्षक योगेश सिंह क्षत्री ने कहा कि जेल केवल दंड देने का स्थान नहीं, बल्कि जीवन में सकारात्मक परिवर्तन का केंद्र भी है। जेल महानिदेशक हिमांशु गुप्ता के मार्गदर्शन में संचालित निश्चय कार्यक्रम के माध्यम से महिला बंदियों को रोजगारपरक कौशल उपलब्ध कराया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि यह कौशल महिला बंदियों को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ रिहाई के बाद सम्मानपूर्वक जीवन जीने और आजीविका अर्जित करने में भी मदद करेगा। जेल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बंदियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए ऐसे रोजगारपरक प्रशिक्षण कार्यक्रम आगे भी लगातार संचालित किए जाएंगे।



