वेदांता प्लांट ब्लास्ट में 20 की मौत: अनिल अग्रवाल समेत 10 पर FIR, दोगुना प्रोडक्शन की जल्दबाजी बनी हादसे की वजह

रायगढ़, 16 अप्रैल 2026। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले स्थित वेदांता पावर प्लांट में हुए भीषण बॉयलर ब्लास्ट मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। हादसे में अब तक 20 मजदूरों की मौत हो चुकी है, जबकि 36 लोग झुलसे हैं। पुलिस ने कंपनी के चेयरमैन अनिल अग्रवाल और प्लांट हेड समेत 8-10 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि प्लांट प्रबंधन ने प्रोडक्शन बढ़ाने की जल्दबाजी में सुरक्षा नियमों को नजरअंदाज किया। चेतावनी मिलने के बावजूद काम नहीं रोका गया, जिससे बॉयलर में प्रेशर अचानक बढ़ा और विस्फोट हो गया।
औद्योगिक सुरक्षा विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, फर्नेस में ज्यादा फ्यूल जमा होने से दबाव बना। इसके बाद बॉयलर का पाइप अपनी जगह से हट गया और ब्लास्ट हो गया। बताया जा रहा है कि 350 मेगावाट से लोड बढ़ाकर करीब 590 मेगावाट किया गया, जो हादसे की बड़ी वजह बना।
घटना 14 अप्रैल दोपहर करीब 2:33 बजे हुई, जब महज 1-2 सेकेंड में प्रेशर इतना बढ़ गया कि सिस्टम को बंद करने का मौका ही नहीं मिला। जांच में मशीनों के मेंटेनेंस में लापरवाही और तकनीकी खामियां भी सामने आई हैं।
इधर, उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने रायगढ़ पहुंचकर घायलों से मुलाकात की और सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। कलेक्टर अमृत विकास टोपनो ने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश देते हुए 30 दिन में रिपोर्ट मांगी है।
मुआवजे का ऐलान:
- वेदांता प्रबंधन: मृतकों के परिजनों को ₹35-35 लाख और नौकरी
- PMNRF: मृतकों को ₹2 लाख, घायलों को ₹50 हजार
- राज्य सरकार: मृतकों को ₹5 लाख, घायलों को ₹50 हजार
जांच में ये बिंदु अहम:
- हादसे का कारण और जिम्मेदार कौन
- तकनीकी या मानवीय लापरवाही
- प्लांट निरीक्षण और सुरक्षा खामियां
- भविष्य में रोकथाम के उपाय
इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर औद्योगिक सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।



