विधानसभा में गूंजा वेदांता प्लांट हादसा: कांग्रेस ने सरकार को घेरा, अनिल अग्रवाल की गिरफ्तारी पर पूछे सवाल, विपक्ष का वॉकआउट

रायपुर, 14 जुलाई 2026
छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में सक्ती जिले के सिंधी तराई स्थित वेदांता प्लांट में हुए भीषण हादसे का मुद्दा जोरदार तरीके से उठा। हादसे में 25 लोगों की मौत को लेकर कांग्रेस ने सरकार पर तीखा हमला बोला और जांच, एफआईआर तथा आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर कई सवाल खड़े किए। मंत्री लखनलाल देवांगन ने जवाब देते हुए कहा कि मामले की विवेचना जारी है और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। हालांकि सरकार के जवाब से असंतुष्ट कांग्रेस विधायकों ने सदन से बहिर्गमन कर दिया।
नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने सरकार को घेरते हुए कहा कि एफआईआर में वेदांता समूह के चेयरमैन अनिल अग्रवाल का नाम दर्ज होने के बावजूद अब तक उनकी गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई। उन्होंने पूछा कि 18 लोगों के खिलाफ अपराध दर्ज होने के बाद भी किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होना गंभीर सवाल खड़े करता है। महंत ने यह भी पूछा कि क्या अनिल अग्रवाल को समन जारी किया गया है और उन्हें गिरफ्तार करने के लिए सरकार ने अब तक क्या कदम उठाए हैं। उन्होंने जांच की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि कहीं विवेचना में किसी तरह का लेन-देन तो नहीं हुआ।
चंद्रपुर विधायक रामकुमार यादव ने भी सरकार को घेरते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार द्वारा घोषित आर्थिक सहायता अब तक कई पीड़ित परिवारों तक नहीं पहुंची है। उन्होंने आरोप लगाया कि एफआईआर दर्ज होने के बावजूद आरोपियों की गिरफ्तारी में अनावश्यक देरी की जा रही है।
वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए पूछा कि प्रदेश में अब तक हुए फैक्ट्री हादसों में कितने मामलों में कंपनियों के मालिकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। उन्होंने कोरबा के एक पुराने औद्योगिक हादसे का उदाहरण देते हुए कहा कि उस मामले में अनिल अग्रवाल के खिलाफ एफआईआर नहीं हुई थी, जबकि इस बार उनका नाम शामिल किया गया है। उन्होंने सरकार से पूछा कि आखिर इस बार ऐसा क्या बदला और क्या इसके पीछे कोई रणनीति या अन्य उद्देश्य है।
सरकार की ओर से जवाब देते हुए उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने कहा कि वेदांता हादसे की जांच जारी है और 18 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। मामले की जांच के लिए समिति गठित की गई है। उन्होंने बताया कि कंपनी की ओर से मृतकों के परिजनों को 35-35 लाख रुपये की सहायता राशि दी जा चुकी है। इसके अलावा प्रधानमंत्री द्वारा घोषित 2-2 लाख रुपये की सहायता भी वितरित कर दी गई है, जबकि मुख्यमंत्री सहायता राशि का वितरण भी लगातार जारी है।
मंत्री देवांगन ने सदन को आश्वस्त किया कि विवेचना पूरी होने के बाद जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
हालांकि मंत्री के जवाब से संतुष्ट नहीं होने पर कांग्रेस विधायकों ने सरकार पर मामले को दबाने का आरोप लगाया और सदन से वॉकआउट कर दिया। वेदांता प्लांट हादसे को लेकर सत्ता और विपक्ष के बीच हुई तीखी नोकझोंक के कारण विधानसभा का माहौल पूरे दिन गरमाया रहा।



