ट्रंप की डेडलाइन खत्म: रूस और ईरान से तेल खरीद पर भारत समेत कई देशों को झटका, अमेरिका ने छूट बढ़ाने से किया इनकार

नई दिल्ली, 16 अप्रैल 2026/
रूस और ईरान से कच्चे तेल की खरीद को लेकर भारत सहित कई देशों को बड़ा झटका लगा है। अमेरिका ने उन अस्थायी छूटों को आगे बढ़ाने से साफ इनकार कर दिया है, जिनके तहत प्रतिबंधों के बावजूद कुछ देशों को इन दोनों देशों से तेल खरीदने की अनुमति दी गई थी।
अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने बुधवार को स्पष्ट किया कि वाशिंगटन अब रूस और ईरान से ऊर्जा खरीद की अनुमति देने वाले सामान्य लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं करेगा। इसके साथ ही यह छूट अवधि समाप्त हो गई है, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है।
जानकारी के अनुसार, रूस से तेल खरीदने की छूट 11 अप्रैल को ही समाप्त हो चुकी थी, जबकि ईरान से जुड़ी छूट 19 अप्रैल तक लागू थी। हालांकि अमेरिका ने दोनों ही मामलों में आगे विस्तार देने से इनकार कर दिया है।
दरअसल, मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और युद्ध जैसे हालात को देखते हुए अमेरिका ने पहले वैश्विक तेल आपूर्ति को स्थिर रखने के लिए अस्थायी राहत दी थी। मार्च में अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने 30 दिन की छूट जारी करते हुए भारतीय रिफाइनरों समेत कई खरीदारों को पहले से लोड और ट्रांजिट में मौजूद रूसी तेल खरीदने की अनुमति दी थी।
अब इस छूट के खत्म होने के बाद नए सौदों पर रोक लगने की संभावना जताई जा रही है, जिससे अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों और आपूर्ति श्रृंखला पर दबाव बढ़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले का असर खासतौर पर एशियाई बाजारों पर देखने को मिल सकता है।
अमेरिकी अधिकारियों ने पहले ही स्पष्ट किया था कि यह अस्थायी छूट केवल पुराने तेल के निपटान के लिए थी और इससे रूस को कोई नया आर्थिक लाभ नहीं मिलेगा।
इस घटनाक्रम के बाद वैश्विक ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता का माहौल बन गया है और आने वाले दिनों में तेल कीमतों में उतार-चढ़ाव की आशंका जताई जा रही है।



