रायपुर में होगा प्रदेश का सबसे बड़ा दहीहांडी उत्सव, गुढ़ियारी अवधपुरी मैदान में उमड़ेगा जनसैलाब – पवनदीप राजन और गीता बेन रबारी देंगे प्रस्तुति

रायपुर, 16 अगस्त 2025 राजधानी रायपुर की पावन भूमि गुढ़ियारी में इस बार फिर इतिहास रचने जा रहा है। सार्वजनिक दहीहांडी उत्सव समिति और हनुमान मंदिर ट्रस्ट के तत्वावधान में भगवान कृष्ण जन्मोत्सव के पावन अवसर पर 16वां भव्य दहीहांडी उत्सव आयोजित किया जा रहा है।
समिति के संयोजक बसंत अग्रवाल ने बताया कि यह विशाल प्रतियोगिता 17 अगस्त को शाम 4 बजे से अवधपुरी मैदान, गुढ़ियारी में आयोजित होगी। विजेताओं को लाखों की इनामी राशि दी जाएगी। प्रतियोगिता में पुरुष दहीहांडी, महिला दहीहांडी और ग्रीस युक्त खंभा हांडी की चुनौती शामिल रहेगी। विशेष तौर पर 50 और 100 सदस्यों की टोलियों के लिए सांत्वना पुरस्कार भी रखा गया है।
उन्होंने कहा कि यह आयोजन अब राष्ट्रीय स्वरूप ले चुका है। इस वर्ष छत्तीसगढ़ के अलावा उड़ीसा, मध्य प्रदेश, झारखंड और महाराष्ट्र से भी गोविंदा टोलियां हिस्सा लेने आ रही हैं। सह संयोजक हेमेंद्र साहू ने जानकारी दी कि अब तक रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, बेमेतरा और कवर्धा की 30 स्थानीय टोलियों समेत कई महिला टोलियों ने पंजीयन करा लिया है। वहीं महाराष्ट्र, इंदौर और जबलपुर की प्रसिद्ध गोविंदा टोलियां भी अपनी उपस्थिति सुनिश्चित कर चुकी हैं। प्रतियोगिता में प्रवेश पूरी तरह निशुल्क रहेगा।
कृष्ण भक्तों के मनोरंजन के लिए मंच पर देश के नामचीन कलाकार प्रस्तुति देंगे। इंडियन आइडल चैंपियन पवनदीप राजन अपनी सुरीली आवाज का जादू बिखेरेंगे, वहीं विश्वविख्यात भजन गायिका गीता बेन रबारी अपने भजनों से श्रद्धालुओं को कृष्णमय कर देंगी। साथ ही राष्ट्रपति सम्मान प्राप्त छत्तीसगढ़ी गायिका पूनम-दिव्या तिवारी भी प्रस्तुति देंगी। उड़ीसा के कलाकारों का पारंपरिक घंटा बाजा और ग्रीस युक्त खंभा प्रतियोगिता विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा।
समिति ने हजारों की संख्या में आने वाले दर्शकों और टोलियों की सुविधा व सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। दर्शकों के लिए बैठने की समुचित व्यवस्था, पुलिस बल की तैनाती, एंबुलेंस और प्राथमिक उपचार केंद्र की सुविधा उपलब्ध रहेगी। समिति ने स्पष्ट किया है कि प्रतियोगिता के दौरान होने वाली किसी भी दुर्घटना की जिम्मेदारी संबंधित टोली की होगी।
👉 गुढ़ियारी का यह आयोजन प्रदेश का सबसे बड़ा और प्रतिष्ठित दहीहांडी उत्सव बन गया है, जहां हर साल भक्तों का जनसैलाब उमड़ता है।



