अपराधछत्तीसगढ़

डेढ़ साल से फरार महेंद्र गोयनका गिरफ्तार: 1000 करोड़ की धोखाधड़ी मामले में कोलकाता पुलिस की कार्रवाई

रायपुर, 19 जुलाई 2026। करीब 1000 करोड़ रुपये की कथित वित्तीय धोखाधड़ी के मामले में रायपुर निवासी महेंद्र गोयनका को कोलकाता पुलिस ने दिल्ली से गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि गोयनका पिछले करीब डेढ़ से दो वर्षों से फरार चल रहे थे। इस दौरान मध्यप्रदेश पुलिस उन्हें गिरफ्तार नहीं कर सकी।

आरोप है कि महेंद्र गोयनका पहले मध्यप्रदेश के विधायक संजय पाठक के परिवार की कंपनी यूरो प्रतीक इस्पात इंडिया प्राइवेट लिमिटेड में एक प्रमुख प्रबंधकीय पद पर कार्यरत थे। जांच एजेंसियों के अनुसार, कंपनी में सैकड़ों करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितताओं, बिके हुए माल की कथित हेराफेरी और धोखाधड़ी के गंभीर आरोप हैं।

जांच में यह भी सामने आया है कि फर्जी हस्ताक्षरों के जरिए परिवार की कई कंपनियों पर कथित रूप से नियंत्रण स्थापित किया गया। इस मामले में कोलकाता में भारतीय न्याय संहिता के समकक्ष प्रावधानों तथा पूर्व आईपीसी की धारा 420, 120बी समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया था, जिसके आधार पर यह गिरफ्तारी की गई।

इसके अलावा कटनी (मध्यप्रदेश) में भी गोयनका और उनके सहयोगियों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश से जुड़े दो अलग-अलग मामले दर्ज हैं। जानकारी के अनुसार, उनके कुछ सहयोगियों की अग्रिम जमानत याचिकाएं सर्वोच्च न्यायालय से भी खारिज हो चुकी हैं।

सूत्रों के मुताबिक, राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (NCLT) के 9 मई 2025 के आदेश में महेंद्र गोयनका और उनकी पत्नी मीनू गोयनका के खिलाफ कथित वित्तीय गड़बड़ियों से संबंधित टिप्पणियां दर्ज हैं। वहीं उनकी एक अन्य कंपनी निसर्ग इस्पात में भी वित्तीय अनियमितताओं और धन के कथित हेरफेर की जांच चल रही है।

महेंद्र गोयनका की गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसियां मामले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही हैं। माना जा रहा है कि आगे की पूछताछ में इस कथित वित्तीय घोटाले से जुड़े कई अहम खुलासे हो सकते हैं।

IMG 20250811 172353
Manish Tiwari

Show More

Related Articles

Back to top button