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ग्राम सभाओं में जनगणना की अलख : 2027 से पहले गांव-गांव जागरूकता अभियान तेज, मोबाइल से सिखाई जा रही स्व-गणना प्रक्रिया

रायपुर, 25 अप्रैल 2026/ छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में 24 अप्रैल 2026 को विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन कर ग्रामीणों को आगामी जनगणना 2027 और स्व-गणना (Self-Enumeration) प्रक्रिया के बारे में जागरूक किया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य डिजिटल माध्यम से सही जानकारी भरने, मकान सूचीकरण, और जनगणना प्रगणकों को सहयोग देने के लिए प्रेरित करना है।

ग्रामीणों को मोबाइल फोन के माध्यम से जनगणना पोर्टल पर स्वयं की जानकारी ऑनलाइन भरने की प्रक्रिया समझाई जा रही है। तहसीलदार और ग्राम प्रभारी अधिकारियों द्वारा ग्राम सभा में लाइव प्रदर्शन किया जा रहा है, जिससे लोग सही जानकारी दर्ज कर सकें।

जनगणना के सही आंकड़ों से भविष्य की विकास योजनाओं, संसाधन वितरण और प्रशासनिक निर्णयों को बेहतर बनाना है।

ग्राम पंचायत देवदा (तहसील मंदिर हसौद), ग्राम पंचायत नाहरडीह में पंचायती राज दिवस, ग्राम पंचायत निमोरा, ग्राम पंचायत खमतराई (तहसील आरंग) में आयोजित ग्राम सभाओं में ग्रामीणों को जनगणना से संबंधित सभी आवश्यक बिंदुओं की जानकारी दी गई। साथ ही उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया गया।

ग्राम सभा के दौरान जनगणना प्रक्रिया, इसकी गोपनीयता, तथा सही जानकारी उपलब्ध कराने के महत्व पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जनगणना में दी गई जानकारी पूर्णतः गोपनीय रहती है और इसका उपयोग केवल सांख्यिकीय उद्देश्यों के लिए किया जाता है। बैठक में सरपंच, उप-सरपंच, पंचायत सचिव सहित जनप्रतिनिधि और ग्रामवासी उपस्थित रहे।

भारत सरकार द्वारा आयोजित जनगणना 2027 के अंतर्गत प्रथम चरण “मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना (House Listing & Housing Census)” का कार्य छत्तीसगढ़ राज्य में 01 मई से 30 मई 2026 तक 30 दिनों की अवधि में संचालित किया जाएगा। यह चरण जनगणना प्रक्रिया का अत्यंत महत्वपूर्ण भाग है, जिसके माध्यम से प्रत्येक आवासीय एवं गैर-आवासीय भवन, मकान की स्थिति, उपयोग एवं उपलब्ध सुविधाओं से संबंधित विस्तृत जानकारी एकत्रित की जाएगी।

डिजिटल इंडिया के अंतर्गत इस बार आम जनता की सुविधा के लिए स्व-गणना (Self-Enumeration) का विकल्प भी उपलब्ध कराया गया है। इच्छुक नागरिक 16 अप्रैल 2026 से 30 अप्रैल 2026 के मध्य निर्धारित ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से स्वयं अपने परिवार एवं मकान से संबंधित जानकारी दर्ज कर सकते हैं।

स्व-गणना करने वाले परिवारों को एक Self-Enumeration ID प्रदान की जाएगी, जिसे सुरक्षित रखना आवश्यक होगा तथा प्रगणक के आने पर उन्हें देना होगा।

इस चरण के अंतर्गत निम्नलिखित बिंदुओं पर जानकारी एकत्रित की जाएगी—

  • प्रत्येक भवन एवं मकान की संख्या, स्थिति एवं प्रकार
  • मकान का उपयोग (आवासीय / व्यावसायिक / अन्य)
  • निर्माण की प्रकृति (कच्चा / पक्का / अर्ध-पक्का)
  • परिवारों की संख्या एवं उनके आवासीय विवरण
  • उपलब्ध बुनियादी सुविधाएं जैसे:
    • पेयजल की उपलब्धता
    • शौचालय की सुविधा
    • विद्युत कनेक्शन
    • रसोई गैस / ईंधन का प्रकार
    • इंटरनेट / संचार सुविधाएं

यह जानकारी देश की सामाजिक-आर्थिक योजनाओं, शहरी एवं ग्रामीण विकास, आवास योजनाओं, जल एवं स्वच्छता कार्यक्रमों तथा बुनियादी ढांचे के विकास हेतु अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी।

प्रगणक निर्धारित अवधि के दौरान प्रत्येक घर पर जाकर जानकारी एकत्रित करेंगे। प्रगणक अधिकृत पहचान पत्र के साथ जाएंगे, जिसकी पुष्टि नागरिकों द्वारा की जा सकती है। नागरिकों से अनुरोध है कि वे प्रगणकों को सही एवं पूर्ण जानकारी प्रदान करें।

स्व-गणना कर चुके परिवारों को अपनी Self-Enumeration ID प्रगणक को बतानी होगी।

जनगणना देश की सबसे व्यापक प्रशासनिक प्रक्रिया है, जो सरकार को जनसंख्या, आवास एवं बुनियादी सुविधाओं की वास्तविक स्थिति का आंकलन करने में सहायता प्रदान करती है। इससे प्राप्त आंकड़ों के आधार पर भविष्य की योजनाएं अधिक प्रभावी एवं समावेशी बनाई जाती हैं।

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Manish Tiwari

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