नक्सलमुक्त भारत का सपना पूरा: जगदलपुर में अमित शाह बोले- 3 साल में खत्म किया 60 साल का लाल आतंक, बस्तर बनेगा सबसे विकसित आदिवासी क्षेत्र

जगदलपुर, 18 मई 2026। Amit Shah ने सोमवार को जगदलपुर में शहीद जवानों के परिजनों, CAPFs और नक्सल पीड़ितों से मुलाकात कर कहा कि अब वे “सीना तानकर” कह सकते हैं कि भारत नक्सलमुक्त हो चुका है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने वह लक्ष्य हासिल कर लिया, जिसे पूरा करना दशकों तक असंभव माना जाता था।
अमित शाह ने कहा कि 24 अगस्त 2024 को 31 मार्च 2026 तक देश को नक्सलमुक्त बनाने का संकल्प लिया गया था और यह लक्ष्य तय समय से पहले पूरा कर लिया गया। उन्होंने कहा कि कश्मीर, नॉर्थईस्ट और नक्सलवाद देश की तीन बड़ी आंतरिक चुनौतियां थीं, जिन पर मोदी सरकार ने निर्णायक जीत हासिल की है।
गृह मंत्री ने नक्सल उन्मूलन में DRG जवानों, कोबरा बटालियन, CRPF, BSF, ITBP, SSB, STF और छत्तीसगढ़ पुलिस की भूमिका को सबसे अहम बताया। उन्होंने कहा कि माओवाद इसलिए नहीं फैला कि विकास नहीं था, बल्कि हथियारबंद नक्सलियों ने विकास को रोका। अब नक्सलवाद खत्म होने के बाद बस्तर तेजी से विकास के रास्ते पर आगे बढ़ेगा।
उन्होंने कहा कि विकसित बस्तर के बिना विकसित भारत-2047 का सपना अधूरा है। आने वाले पांच वर्षों में देश के सभी आदिवासी क्षेत्रों में बस्तर सबसे विकसित संभाग बनकर उभरेगा। शाह ने कहा कि बस्तर की कला, संगीत, खेल और संस्कृति को नक्सलवाद ने कुचल दिया था, लेकिन अब यहां नया सवेरा लौट रहा है।
अमित शाह ने नेतानार गांव में शुरू किए गए “शहीद वीर गुण्डाधुर सेवा डेरा” प्रकल्प को विकास का नया मॉडल बताया। उन्होंने कहा कि देशभर के करीब 70 CAPF कैंप अब ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं, बैंकिंग, स्वास्थ्य, कौशल विकास और रोजगार सेवाएं उपलब्ध कराएंगे।
उन्होंने बताया कि आत्मसमर्पण कर चुके लगभग 3000 नक्सलियों के पुनर्वास, स्किल ट्रेनिंग और शिक्षा के लिए केंद्र सरकार ने शुरुआती तौर पर 20 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। उन्होंने बस्तर समाज से अपील की कि मुख्यधारा में लौट रहे लोगों को सम्मान के साथ स्वीकार किया जाए।
इस दौरान Vishnu Deo Sai, Vijay Sharma सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और सुरक्षा एजेंसियों के प्रमुख मौजूद रहे।



