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RSS प्रमुख मोहन भागवत बोले- Gen Z सवाल पूछे, तर्क मांगे और जरूरत पड़े तो आंदोलन भी करे, लेकिन देश को बांटने के लिए नहीं

नई दिल्ली, 06 अगस्त 2026। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने गुरुवार को आयोजित ‘Gen-Z से संवाद’ कार्यक्रम में कहा कि लोकतंत्र में यदि किसी की आवाज़ नहीं सुनी जाती है तो आंदोलन भी संवाद का एक वैध तरीका हो सकता है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी आंदोलन का उद्देश्य आम सहमति बनाना होना चाहिए, न कि समाज में विभाजन पैदा करना।

भागवत ने कहा कि लोकतंत्र में अलग-अलग विचार सामने आते हैं और संवाद के माध्यम से सहमति बनाई जाती है। यदि विभिन्न कारणों से बातचीत नहीं हो पाती या लोगों की बात नहीं सुनी जाती, तो शांतिपूर्ण आंदोलन किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि विरोध भी लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है, लेकिन उसका उद्देश्य व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव लाना होना चाहिए।

शिक्षा व्यवस्था पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि Gen-Z की शिकायतें काफी हद तक सही हैं। भारत की शिक्षा व्यवस्था में अभी भी कई सुधारों की आवश्यकता है और इन्हीं मुद्दों को लेकर युवा अपनी बात रख रहे हैं।

उन्होंने कहा कि पहले की पीढ़ी बड़ों की बात बिना सवाल किए मान लेती थी, लेकिन आज की Gen-Z और Gen Alpha हर बात पर तर्क और जवाब चाहती है। यह बदलाव लोकतंत्र के लिए सकारात्मक है। उन्होंने कहा कि भारतीय परंपरा में इसे ‘शास्त्रार्थ’ कहा जाता है, जहां संवाद और तर्क के आधार पर समाधान खोजे जाते हैं, न कि केवल बहस के लिए बहस की जाती है।

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Manish Tiwari

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