‘हाले लुइया’ सिखाने का आरोप: जांजगीर के सरकारी स्कूल की प्रधान पाठक सस्पेंड, धार्मिक गतिविधियों पर बढ़ा विवाद

जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में एक सरकारी स्कूल की प्रधान पाठक पर छात्राओं को धार्मिक रूप से प्रभावित करने और धर्मांतरण के लिए प्रेरित करने के आरोप लगे हैं। मामले की शिकायत सामने आने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) ने तत्काल कार्रवाई करते हुए प्रधान पाठक लक्ष्मी देवी भारद्वाज को निलंबित कर दिया है।
जानकारी के अनुसार, बलौदा स्थित पीएमश्री कन्या प्राथमिक शाला में पदस्थ प्रधान पाठक लक्ष्मी देवी भारद्वाज के खिलाफ ग्रामीणों ने जनसमस्या निवारण शिविर में शिकायत दर्ज कराई थी। ग्रामीणों का आरोप है कि स्कूल की प्रार्थना सभा में राष्ट्रगान “जन गण मन” की जगह अन्य धार्मिक वाक्य सिखाए जाते थे। साथ ही छात्र-छात्राओं को हिन्दू देवी-देवताओं के खिलाफ भड़काकर ईसाई रीति-रिवाज अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा था।
ग्रामीणों ने महिला प्रधान पाठक पर वित्तीय अनियमितता, फर्जी बिल-वाउचर लगाने और शासकीय कार्यों में गड़बड़ी के आरोप भी लगाए हैं। शिकायत के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया। जिला शिक्षा अधिकारी ने मामले में कारण बताओ नोटिस जारी किया था, लेकिन जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर कार्रवाई करते हुए लक्ष्मी देवी भारद्वाज को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, बलौदा निर्धारित किया गया है। नियमानुसार उन्हें जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।
वहीं दूसरी ओर, धर्मांतरण और लोक शांति भंग होने की आशंका को देखते हुए बलौदा थाना में भी मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने ईश्तगासा क्रमांक 261/2025 के तहत बीएनएसएस की धारा 126 और 135(3) में कार्रवाई की है। प्रशासनिक कार्रवाई और पुलिस केस दर्ज होने के बाद प्रधान पाठक की मुश्किलें बढ़ गई हैं।



