ईरान-US युद्ध के असर से निपटने की तैयारी: राजनाथ सिंह ने बुलाई बड़ी बैठक, कहा- घबराने की जरूरत नहीं

नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और ईरान-अमेरिका संघर्ष के बीच केंद्र सरकार अलर्ट मोड पर आ गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बाद सोमवार को रक्षा मंत्री Rajnath Singh ने उच्चस्तरीय बैठक की और देशवासियों से घबराने की बजाय संयम बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार ऊर्जा आपूर्ति और जरूरी सामानों की उपलब्धता पर लगातार नजर रखे हुए है।
सोमवार को इंटर-मिनिस्ट्रियल ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स (IGoM) की 5वीं बैठक आयोजित हुई। बैठक में मिडिल ईस्ट संकट के भारत पर पड़ने वाले संभावित असर की समीक्षा की गई। रक्षा मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में सरकार हर जरूरी कदम उठा रही है ताकि देश में किसी तरह की सप्लाई बाधित न हो।
राजनाथ सिंह ने कहा, “लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। सरकार ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला और आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए लगातार काम कर रही है।” उन्होंने वैश्विक संकट के दौर में नागरिकों से सहयोग की भी अपील की।
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को हैदराबाद में आयोजित एक कार्यक्रम में देशवासियों से खर्चों में कटौती और संसाधनों के जिम्मेदार उपयोग की अपील की थी। पीएम ने कहा था कि फिलहाल गैर-जरूरी विदेश यात्राएं टालनी चाहिए और जहां संभव हो वर्क फ्रॉम होम को अपनाना चाहिए।
प्रधानमंत्री ने कोविड काल की तरह वर्चुअल मीटिंग्स और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग को बढ़ावा देने की सलाह दी। उन्होंने मेट्रो, कारपूलिंग और इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल को बढ़ाने पर भी जोर दिया। पीएम ने कहा कि इससे ईंधन की खपत कम होगी और विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव घटेगा।
सोने की खरीदारी को लेकर भी प्रधानमंत्री ने विशेष अपील की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय हित में लोगों को कम से कम एक साल तक सोना नहीं खरीदने का संकल्प लेना चाहिए। दरअसल, भारत दुनिया के सबसे बड़े गोल्ड इंपोर्टर्स में शामिल है और मिडिल ईस्ट संकट के चलते कच्चे तेल के साथ-साथ सोने की कीमतों में भी भारी उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है।
केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री Hardeep Singh Puri ने भी संकेत दिए हैं कि होर्मुज स्ट्रेट में बाधा आने की स्थिति में तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंची रह सकती हैं। ऐसे में सरकार ऊर्जा सुरक्षा और सप्लाई चेन को मजबूत बनाए रखने पर फोकस कर रही है।



