रायपुर में पेट्रोल ₹107.96 लीटर पहुंचा : इस महीने चौथी बार बढ़े दाम, नारायणपुर सबसे महंगा, डीजल भी महंगा

रायपुर, 25 मई 2025// छत्तीसगढ़ में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी जारी है। इस महीने चौथी बार फ्यूल के रेट बढ़ाए गए हैं, जिससे आम लोगों और ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर अतिरिक्त बोझ बढ़ गया है। राजधानी रायपुर में पेट्रोल अब ₹107.96 प्रति लीटर पहुंच गया है, जबकि कई जिलों में कीमत ₹109 प्रति लीटर के पार हो चुकी है।
ताजा दरों के मुताबिक, नारायणपुर में पेट्रोल सबसे महंगा ₹109.65 प्रति लीटर बिक रहा है। इसके अलावा जगदलपुर में ₹109.64, दंतेवाड़ा में ₹109.60 और बीजापुर में ₹109.59 प्रति लीटर कीमत दर्ज की गई है। सरगुजा संभाग के जिलों में भी पेट्रोल के रेट लगातार ऊंचे बने हुए हैं। जशपुर में पेट्रोल ₹109.52, सूरजपुर में ₹109.39 और अंबिकापुर में ₹109.09 प्रति लीटर पहुंच गया है।
प्रदेशभर में पेट्रोल की कीमतों में करीब ₹2.60 प्रति लीटर तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वहीं रायपुर, दुर्ग और कोरबा जैसे बड़े शहरों में अन्य जिलों की तुलना में थोड़ी राहत जरूर है, लेकिन हालिया इजाफे के बाद यहां भी वाहन चालकों की चिंता बढ़ गई है। दुर्ग में पेट्रोल ₹108.29, धमतरी में ₹108.45, महासमुंद में ₹108.64 और बिलासपुर में ₹108.65 प्रति लीटर बिक रहा है।
प्रदेश में सबसे कम कीमत कोरबा में दर्ज की गई, जहां पेट्रोल ₹107.63 प्रति लीटर उपलब्ध है। इसके अलावा जांजगीर में ₹108.21 और कवर्धा व रायगढ़ में ₹108.86 प्रति लीटर रेट सामने आया है।
जानकारों के मुताबिक, बस्तर और सरगुजा संभाग के दूरस्थ इलाकों में ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट अधिक होने के कारण पेट्रोल-डीजल की कीमतें ज्यादा रहती हैं। वहीं औद्योगिक और बड़े शहरों में सप्लाई बेहतर होने से दरों में थोड़ा अंतर देखने को मिलता है।
लगातार बढ़ती कीमतों का असर अब रोजमर्रा की जिंदगी पर भी दिखने लगा है। ट्रांसपोर्ट कारोबारियों का कहना है कि डीजल-पेट्रोल महंगा होने से माल ढुलाई और यात्री किराए में बढ़ोतरी हो सकती है। आम लोग भी लगातार बढ़ते ईंधन खर्च से परेशान नजर आ रहे हैं।
ईंधन संकट और ब्लैक मार्केटिंग की आशंकाओं को देखते हुए प्रशासन भी अलर्ट मोड पर है। रायपुर कलेक्टर ने पेट्रोल-डीजल की अवैध बिक्री रोकने के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। अधिक कीमत वसूली या अवैध बिक्री की शिकायत 9977222564, 9977222574, 9977222584 और 9977222594 पर की जा सकती है।
दरअसल, भारत अपनी जरूरत का अधिकांश कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमत, डॉलर के मुकाबले रुपए की स्थिति, रिफाइनिंग खर्च, केंद्र सरकार की एक्साइज ड्यूटी, डीलर कमीशन और राज्य सरकार के वैट को जोड़ने के बाद पेट्रोल-डीजल की अंतिम कीमत तय होती है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी इस बढ़ोतरी की बड़ी वजह है। ईरान-अमेरिका तनाव बढ़ने के बाद क्रूड ऑयल की कीमतें 70 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं। ऐसे में तेल कंपनियों पर दबाव बढ़ा है और घाटे की भरपाई के लिए कीमतों में लगातार इजाफा किया जा रहा है।



