रिश्वत लेते पकड़े गए नायब तहसीलदार कमलेश मिर्री को तीन साल की सजा, 50 हजार रुपये का जुर्माना भी

जशपुर, 01 जुलाई 2025।
जशपुर जिले में रिश्वतखोरी के एक मामले में बड़ा फैसला सामने आया है। विशेष न्यायालय ने नायब तहसीलदार कमलेश कुमार मिर्री को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दोषी करार देते हुए तीन साल के सश्रम कारावास और 50 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।
मामला वर्ष 2020 का है, जब तहसील कार्यालय जशपुर नगर में पदस्थ नायब तहसीलदार कमलेश मिर्री ने ग्राम बालाछापर निवासी अनोज कुमार गुप्ता से जमीन नामांतरण, प्रमाणीकरण और ऋण पुस्तिका पर हस्ताक्षर के एवज में 3 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। इसकी शिकायत पर एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने कार्रवाई करते हुए आरोपी तहसीलदार को 50 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया था।
इस मामले में विशेष न्यायाधीश सत्येन्द्र कुमार साहू की अदालत में विशेष प्रकरण क्रमांक 02/2021 के तहत सुनवाई हुई। 30 जून 2025 को अदालत ने कमलेश मिर्री को धारा 07 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दोषी पाया और तीन साल की सजा के साथ आर्थिक दंड भी लगाया।
इस प्रकरण में शासन की ओर से लोक अभियोजक सी.पी. सिंह ने पक्ष रखा, जबकि आरोपी की ओर से अधिवक्ता रूपेश त्रिवेदी, कोरबा ने बचाव पक्ष की पैरवी की।
यह फैसला न केवल भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश है, बल्कि प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर एक अहम उदाहरण भी बन गया है।



