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मौनी अमावस्या 2025: प्रयागराज में महाकुंभ स्नान का दूसरा दिन, जानें अमृत स्नान, तर्पण, दान और पूजा विधि के साथ सही मुहूर्त और धार्मिक महत्व

मौनी अमावस्या 2025: आज 29 जनवरी को मौनी अमावस्या का पावन पर्व मनाया जा रहा है। इस दिन स्नान, दान, और पितरों के लिए तर्पण का विशेष महत्व है। संगम में स्नान करने से भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं और पापों का नाश होता है। प्रयागराज महाकुंभ का दूसरा अमृत स्नान भी आज ही है।

मुख्य मुहूर्त और जानकारी:

  • ब्रह्म मुहूर्त स्नान: 05:03 AM – 05:55 AM
  • शिव मुहूर्त स्नान: 06:00 AM – 08:00 AM
  • हरि मुहूर्त स्नान: 08:00 AM – 10:00 AM

पूजा विधि:

  1. स्नान के बाद साफ वस्त्र धारण करें।
  2. सूर्य देव को जल अर्पित करें।
  3. भगवान विष्णु और गंगा मैया की पूजा करें।
  4. पितरों का तर्पण करें।
  5. अन्न, वस्त्र, तिल, और फल दान करें।

मौनी अमावस्या पर प्रयागराज के संगम में डुबकी लगाना विशेष फलदायी है। यदि संभव न हो, तो घर पर गंगाजल मिलाकर स्नान करें।

विशेष लाभ:

  • स्नान से आरोग्य और सुख-शांति प्राप्त होती है।
  • दान से पितृ दोष से मुक्ति मिलती है।
  • तर्पण से पितरों की आत्मा को शांति मिलती है।

आज के दिन श्रद्धा से किए गए सभी कर्म जीवन में सुख-समृद्धि लाते हैं।

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Manish Tiwari

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