महतारी वंदन से 1.55 लाख नाम कटने पर विधानसभा में हंगामा: सरकार के जवाब से नाराज कांग्रेस का वॉकआउट, अविश्वास प्रस्ताव भी पेश

रायपुर, 17 जुलाई 2026
छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के पांचवें और अंतिम दिन महतारी वंदन योजना को लेकर सदन में जोरदार हंगामा देखने को मिला। योजना से 1.55 लाख महिलाओं के नाम हटाए जाने और लाभार्थियों की संख्या 70.09 लाख से घटकर 68.54 लाख होने के मुद्दे पर कांग्रेस ने सरकार को घेरा। जवाब से असंतुष्ट विपक्षी विधायकों ने नारेबाजी करते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया।
महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने सदन में बताया कि जिन महिलाओं के नाम योजना से हटाए गए हैं, उनमें मृत लाभार्थी, ई-केवाईसी नहीं कराने वाली महिलाएं, आयकरदाता बनने वाले और अन्य अपात्र हितग्राही शामिल हैं। मंत्री ने कहा कि योजना के नियमों के अनुसार पात्रता समाप्त होने पर नाम हटाए गए हैं।
राशन व्यवस्था पर भी सरकार घिरी
प्रश्नकाल के दौरान राशन व्यवस्था का मुद्दा भी जोर-शोर से उठा। विधायक शेषराज हरबंस ने अंत्योदय कार्डधारियों को 7 किलो अतिरिक्त चावल देने की मांग की। वहीं भाजपा विधायक सुशांत शुक्ला ने आरोप लगाया कि कुछ राशन दुकानों में हितग्राहियों पर जबरन मसाले खरीदने का दबाव बनाया जा रहा है।
इस पर खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने कहा कि यदि शिकायत और आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराए जाते हैं तो पूरे मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
सामूहिक विवाह में नकली मंगलसूत्र का मुद्दा भी उठा
कांग्रेस विधायक और पूर्व महिला एवं बाल विकास मंत्री अनिला भेड़िया ने सामूहिक विवाह योजना में कथित रूप से नकली मंगलसूत्र वितरित किए जाने का मामला उठाया। जवाब में मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि बालोद जिले से इस संबंध में कोई आधिकारिक शिकायत प्राप्त नहीं हुई है, इसलिए कार्रवाई का प्रश्न नहीं बनता।
सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश
प्रश्नकाल समाप्त होने के बाद नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने साय सरकार के खिलाफ 136 बिंदुओं का आरोप-पत्र पेश करते हुए विधानसभा में अविश्वास प्रस्ताव रखा। अब इस प्रस्ताव पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच विस्तृत चर्चा होगी।
कांग्रेस ने संकेत दिए हैं कि वह नकटी गांव बुलडोजर कार्रवाई, कानून-व्यवस्था, किसानों की समस्याएं, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और प्रशासनिक मामलों को लेकर सरकार को घेरने की रणनीति बनाएगी। वहीं भाजपा सरकार अपनी योजनाओं और विकास कार्यों का पक्ष रखेगी।
संख्या बल सरकार के पक्ष में
वर्तमान विधानसभा में भाजपा के 54 विधायक, कांग्रेस के 35 विधायक और गोंडवाना गणतंत्र पार्टी का एक विधायक है। ऐसे में संख्या बल स्पष्ट रूप से सरकार के पक्ष में होने के कारण अविश्वास प्रस्ताव के पारित होने की संभावना कम मानी जा रही है, हालांकि राजनीतिक दृष्टि से यह बहस अहम मानी जा रही है।
अब तक कोई अविश्वास प्रस्ताव नहीं हुआ पारित
राज्य गठन के बाद छत्तीसगढ़ विधानसभा में यह 10वां अविश्वास प्रस्ताव है। इससे पहले अजीत जोगी, डॉ. रमन सिंह और भूपेश बघेल सरकारों के खिलाफ कुल 9 बार अविश्वास प्रस्ताव लाए गए, लेकिन हर बार सरकारें बहुमत साबित करने में सफल रहीं। सबसे लंबी चर्चा वर्ष 2015 में डॉ. रमन सिंह सरकार के खिलाफ हुए अविश्वास प्रस्ताव पर 24 घंटे 25 मिनट तक चली थी। वर्तमान सत्र में भी प्रस्ताव पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस होने की संभावना है।



