राम मंदिर केस में बढ़ी गोपाल राव की मुश्किलें: ट्रस्ट में पद नहीं, फिर भी प्रबंधन में बड़ा दखल; SIT ने खंगाले रिकॉर्ड

अयोध्या, 27 जून 2026। राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच के बीच गोपाल राव एक बार फिर चर्चा में हैं। हालांकि वे आधिकारिक तौर पर राम मंदिर ट्रस्ट में किसी प्रमुख पद पर नहीं हैं, लेकिन मंदिर के प्रबंधन और व्यवस्थाओं में उनकी अहम भूमिका बताई जा रही है।
जानकारी के मुताबिक, कर्नाटक के मूल निवासी गोपाल राव राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व प्रांत प्रचारक रह चुके हैं और वर्तमान में विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय सह मंत्री हैं। राम मंदिर निर्माण शुरू होने के बाद उन्हें अयोध्या बुलाया गया था और बाद में मंदिर की विभिन्न व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी सौंपी गई।
सूत्रों के अनुसार, मंदिर परिसर में होने वाले आयोजनों, भगवान के भोग की व्यवस्था, पुजारियों के प्रबंधन, दर्शन-आरती पास और अन्य प्रशासनिक कार्यों में गोपाल राव की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। बताया जाता है कि भूमि खरीद समेत कई मामलों में भी उनकी अप्रत्यक्ष भागीदारी रही।
इधर, चढ़ावा चोरी मामले की जांच कर रही एसआईटी ने गोपाल राव से कई दौर की पूछताछ की है। जांच एजेंसी मंदिर के रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज और वित्तीय दस्तावेजों की भी जांच कर रही है। मामले की जांच जारी है और एसआईटी की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।



