बिलासपुर रेलवे कोचिंग डिपो हादसा: वंदे भारत ट्रेन के कोच पर काम करते ठेका कर्मचारी की मौत, सुरक्षा इंचार्ज पर केस दर्ज

बिलासपुर। रेलवे कोचिंग डिपो में वंदे भारत ट्रेन के एक्स्ट्रा कोच का एसी सुधारते समय हाईटेंशन तार की चपेट में आए घायल ठेका कर्मचारी ने सोमवार सुबह इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। यह हादसा शनिवार को हुआ था, जब 28 वर्षीय प्रताप बर्मन 133 केवी बिजली लाइन की चपेट में आकर बुरी तरह झुलस गया था।
प्रताप बर्मन और उसके साथी चरणदास मानिकपुरी (निवासी मुलमुला, जांजगीर-चांपा) कुमार इंजीनियरिंग कंपनी के अधीन कार्यरत थे। दोनों ट्रेन की छत पर एसी का लीकेज सुधार रहे थे। बारिश के कारण वे नीचे उतर आए, लेकिन साइट इंचार्ज मीणा के कहने पर प्रताप दोबारा छत पर चढ़ा। तभी अचानक करंट लगने से वह झुलस गया और छत से नीचे गिर पड़ा।
सहकर्मियों ने लगाया गंभीर आरोप
साथी कर्मचारियों का आरोप है कि साइट इंचार्ज मीणा ने बिना सूचना दिए बिजली सप्लाई चालू कर दी। चरणदास ने बताया कि मीणा सर ने कहा था- “जैमर लग गया है, ऊपर चढ़ जाओ।” जबकि लाइन चालू थी। हादसे का एक वीडियो भी सामने आया है जिसमें प्रताप दर्द से तड़पता दिखाई दे रहा है।
इलाज के दौरान दम तोड़ा
घटना के बाद प्रताप को पहले रेलवे अस्पताल, फिर सिम्स और बाद में अपोलो अस्पताल रेफर किया गया। सोमवार सुबह इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
पुलिस ने दर्ज किया केस
पीड़ित के साथी की शिकायत पर सिरगिट्टी थाना पुलिस ने सुरक्षा इंचार्ज मीणा (सीनियर सेक्शन इंचार्ज) के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
रेलवे ने बनाई जांच कमेटी
रेलवे के सीनियर DCM अनुराग सिंह ने कहा कि मामले की जांच के लिए सेफ्टी डिपार्टमेंट की 5 सदस्यीय टीम गठित की गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पहले भी हो चुका हादसा
करीब 13 महीने पहले 9 जुलाई 2024 को बीसीएन यार्ड में करंट हादसे में 19 वर्षीय अप्रेंटिस प्रसाद गजानंद काले की मौत हो गई थी। उस समय भी कर्मचारियों ने विरोध किया था, लेकिन मामला कुछ दिनों में दब गया था।
👉 इस घटना ने एक बार फिर रेलवे में सुरक्षा प्रोटोकॉल और ठेका कर्मचारियों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।



