म्यांमार में मौत का महाविस्फोट: 100 से ज्यादा घर मलबे में तब्दील, 55 लोगों की मौत; कई लापता

म्यांमार। भारत के पड़ोसी देश म्यांमार में रविवार को हुए एक भीषण विस्फोट ने भारी तबाही मचा दी। चीन सीमा से सटे नामखाम टाउनशिप के कौंगटुप गांव में हुए इस हादसे में अब तक 55 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि दर्जनों लोग घायल हुए हैं। आशंका जताई जा रही है कि कई लोग अब भी मलबे में दबे हो सकते हैं।
जानकारी के मुताबिक, विस्फोट एक ऐसी इमारत में हुआ जहां खनन कार्यों में इस्तेमाल होने वाला अत्यधिक संवेदनशील विस्फोटक पदार्थ ‘जेलिग्नाइट’ बड़ी मात्रा में रखा गया था। दोपहर के समय हुए धमाके की तीव्रता इतनी अधिक थी कि इसकी आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनाई दी और आसपास के क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विस्फोट के बाद इलाके में धुएं का विशाल गुबार उठता दिखाई दिया। धमाके से आसपास के 100 से अधिक घर पूरी तरह या आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गए। कई इमारतें जमींदोज हो गईं और पूरा गांव मलबे में तब्दील हो गया।
स्थानीय प्रशासन और राहत एजेंसियों ने तत्काल बचाव अभियान शुरू किया। अब तक 55 शव बरामद किए जा चुके हैं, जिनमें 6 बच्चे भी शामिल हैं। वहीं, 70 से अधिक लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका जताई जा रही है। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।
बताया जा रहा है कि यह इलाका वर्तमान में ताआंग नेशनल लिबरेशन आर्मी (TNLA) के नियंत्रण में है, जो म्यांमार की सैन्य सरकार के खिलाफ संघर्ष कर रही है। हादसे के कारणों की जांच की जा रही है, जबकि मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका बनी हुई है।
राहत एवं बचाव दल लगातार मलबा हटाने के काम में जुटे हुए हैं। प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता देने का आश्वासन दिया है।



