आईपीएल सट्टा रैकेट का बड़ा भंडाफोड़: रायपुर पुलिस की मुंबई-ओडिशा तक एक साथ छापेमारी, 20 आरोपी गिरफ्तार, तीन बड़े नेटवर्क ध्वस्त

रायपुर, 16 अप्रैल 2026/छत्तीसगढ़
आईपीएल सीजन के दौरान ऑनलाइन सट्टेबाजी के खिलाफ रायपुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय सट्टा रैकेट का खुलासा किया है। पुलिस ने मुंबई, ओडिशा के भवानीपटना और दुर्ग में एक साथ छापेमारी कर कुल 20 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई में सट्टे के तीन बड़े पैनल नेटवर्क ध्वस्त कर दिए गए हैं।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 82 मोबाइल फोन, 10 लैपटॉप, बड़ी मात्रा में नकदी, एटीएम कार्ड, चेकबुक और सट्टे के हिसाब-किताब से जुड़ा रिकॉर्ड जब्त किया है।
रेलवे स्टेशन के पास से मिला पहला सुराग
जानकारी के अनुसार, 13 अप्रैल को गंज थाना क्षेत्र में रेलवे स्टेशन के पास एक संदिग्ध कार में सट्टा संचालन की सूचना मिली थी। एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और गंज थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए आरोपी मनदीप सिंह को पकड़ा। पूछताछ में उसने पूरे नेटवर्क का खुलासा किया।
आरोपी ने बताया कि सट्टा कारोबार रायपुर, मुंबई, गोवा और ओडिशा तक फैला हुआ है और इसमें कई पैनल संचालक सक्रिय हैं।
मुंबई, ओडिशा और दुर्ग में एक साथ रेड
पुलिस जांच में सामने आए नेटवर्क के आधार पर तीन अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई की गई—
मुंबई रेड:
यहां ‘बजरंग ग्रुप’ एप के जरिए सट्टा संचालित करने वाले हर्ष नागदेव सहित 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। मौके से 62 मोबाइल, 6 लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए।
ओडिशा (भवानीपटना) रेड:
यहां ‘रेड्डी पैनल’ से जुड़े 7 आरोपियों को पकड़ा गया। इनके पास से 25 मोबाइल, 4 लैपटॉप, सिम कार्ड और सट्टे का रिकॉर्ड बरामद हुआ।
दुर्ग कार्रवाई:
दुर्ग में पैनल संचालक हरीश नायक और सन्नी देवांगन को गिरफ्तार किया गया। इनके पास से 1 लाख रुपये नकद, 60 एटीएम कार्ड, मोबाइल और एक कार बरामद की गई।
बड़ा अंतरराज्यीय नेटवर्क उजागर
पूछताछ में खुलासा हुआ कि यह गिरोह संगठित तरीके से ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और एप्स के जरिए आईपीएल मैचों पर सट्टा लगवा रहा था। अलग-अलग राज्यों में पैनल बनाकर अवैध कारोबार संचालित किया जा रहा था।
पुलिस का कहना है कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य फरार आरोपियों की पहचान कर ली गई है और उनकी तलाश जारी है।
पुलिस की सख्त कार्रवाई जारी
अधिकारियों ने कहा कि ऑनलाइन सट्टेबाजी और अवैध गेमिंग नेटवर्क के खिलाफ आगे भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।



