छत्तीसगढ़
Trending

पंडरिया की समस्याओं को विधानसभा में मजबूती से उठाया: भावना बोहरा ने जल, शिक्षा और विकास से जुड़े मुद्दों पर मांगा समाधान

रायपुर, 14 जुलाई 2026

छत्तीसगढ़ मानसून सत्र के दूसरे दिन पंडरिया विधायक भावना बोहरा ने विधानसभा में वनांचल व आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों, जल जीवन मिशन, नगरीय निकाय क्षेत्रों तथा स्कूल शिक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर प्रश्न उठाए। इस दौरान उन्होंने वनांचल एवं आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में घरों तक शुद्ध पेयजल, नगरीय निकायों में जल आवर्धन योजनाओं की प्रगति तथा शासकीय स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती और स्कूल पहुँचने के लिए आवागमन सुविधा को लेकर सरकार से जवाब मांगा।

भावना बोहरा ने प्रश्न किया कि क्या पंडरिया विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत तेलियापानी लेदरा, बिरहुलडीह, कांदावाणी, छिंदीडीह, सेन्दुरखार, अमनिया एवं भेलकी सहित 35 से अधिक वनांचल एवं आदिवासी बहुल ग्रामों के लगभग 2,500 से अधिक परिवार सुरक्षित पेयजल सुविधा से वंचित हैं तथा पेयजल के लिए कई किलोमीटर दूर स्थित प्राकृतिक झिरिया के दूषित जल पर निर्भर हैं? यदि हाँ, तो “हर घर नल से जल” के लक्ष्य के अनुरूप अब तक शत-प्रतिशत पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित नहीं हो पाने के कारण क्या हैं? संबंधित एजेंसियों एवं उत्तरदायी कारकों की जानकारी तथा स्वीकृत, निर्माणाधीन एवं अपूर्ण योजनाओं का ग्रामवार विवरण क्या है? साथ ही, जल जीवन मिशन के पूर्ण क्रियान्वयन के लिए क्या कोई समयबद्ध कार्ययोजना बनाई गई है और उसकी संभावित पूर्णता तिथि क्या है?

जिसके लिखित उत्तर में उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने बताया कि पंडरिया विधानसभा क्षेत्र के उक्त 35 से अधिक वनांचल एवं आदिवासी बहुल ग्रामों के लगभग 2,500 परिवार सुरक्षित पेयजल सुविधा से वंचित नहीं हैं। उन्होंने बताया कि ग्राम अधचरा, अजवाईनवाह, माराडबरा, भेलकी, बिरहुलडीह, तेलियापानी लेदरा, तिनगड्डा, सेजाडीह, भाकुर एवं बांगर में सोलर आधारित, ग्राम घुरसी में सिंगल विंडो आधारित तथा ग्राम अमनिया में रेट्रोफिटिंग का कार्य पूर्ण हो चुका है। वहीं बसुलाटोला, तेलियापानी धोबे, कोटपानी, बाहपानी, रुखमीदादर, कांदावानी, सारपानी, मजगांव, देवानपटपर, छिंदीडीह, पंडरीपानी, सेंदुरखार एवं सरईपानी में कार्य निर्माणाधीन है। उन्होंने बताया कि जल जीवन मिशन 2.0 की मार्गदर्शिका के अनुसार समयबद्ध कार्ययोजना तैयार की जा रही है, हालांकि पूर्णता की संभावित तिथि बताना संभव नहीं है।

भावना बोहरा ने आगे प्रश्न किया कि नगर पालिका पंडरिया एवं नगर पंचायत पांडातराई में जल आवर्धन (जलप्रदाय) योजनाओं के तहत स्वीकृत कार्यों की मदवार एवं राशिवार जानकारी, पूर्ण, शेष एवं अपूर्ण कार्यों की अद्यतन स्थिति तथा शेष कार्यों को पूरा करने की संभावित समय-सीमा क्या है? साथ ही, योजनाओं के लोकार्पण के वर्षों बाद भी नागरिकों को पर्याप्त एवं नियमित पेयजल आपूर्ति का लाभ नहीं मिलने के कारण क्या हैं? वर्तमान में कितने वार्ड एवं कितने परिवार योजना का लाभ ले रहे हैं तथा कितने परिवार अब भी वंचित हैं?

जिसके लिखित उत्तर में उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने बताया कि नगर पालिका परिषद पंडरिया में जल आवर्धन योजना के तहत 8 करोड़ 32 लाख 46 हजार रुपए तथा नगर पंचायत पांडातराई में 3 करोड़ 75 लाख 42 हजार रुपए की स्वीकृति दी गई थी, जिसके तहत सभी कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं।

उन्होंने बताया कि नगर पालिका परिषद पंडरिया के 15 वार्डों में पाइपलाइन विस्तार, नलकूप खनन, सबमर्सिबल मोटर पंप स्थापना, पानी टंकी की बाउंड्रीवॉल तथा क्लोरीनेशन यूनिट स्थापना जैसे कार्य किए गए हैं। योजना के तहत 13 नए बोरवेल तथा पूर्व के 8 बोरवेल में पंप मोटर स्थापित कर नियमित पेयजल आपूर्ति की जा रही है। 8 वार्डों में पुरानी और नई पाइपलाइन का इंटर कनेक्शन कर 2,170 परिवारों को प्रत्यक्ष लाभ मिल रहा है, जबकि शेष 7 वार्डों के लगभग 1,925 परिवारों को बोरवेल के माध्यम से पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। वर्ष 2023 में बने 3 नए वार्डों में पाइपलाइन विस्तार, ओएचटी एवं बोरवेल कार्य नहीं हो सके हैं, इसलिए वहां के लगभग 1,500 परिवारों को भी सीधे नलकूपों से पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है।

वहीं नगर पंचायत पांडातराई में उच्च स्तरीय जलागार, पाइपलाइन विस्तार एवं बोरवेल निर्माण का कार्य लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा कराया गया है। वर्तमान में सम्पवेल क्रियाशील नहीं होने तथा राइजिंग मेन पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने के कारण जल आवर्धन योजना चालू नहीं है। निकाय के सभी 15 वार्डों में 24 बोरवेल, 45 हैंडपंप, 10 स्टैंड पोस्ट एवं 620 नल कनेक्शन के माध्यम से लगभग 2,066 परिवारों को पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है।

कबीरधाम जिले के विद्यालयों में पहुँच मार्गों की स्थिति तथा शाला भवनों के निर्माण एवं उन्नयन को लेकर भावना बोहरा ने प्रश्न किया कि क्या विभाग द्वारा पिछले तीन वर्षों में विद्यालयों की अधोसंरचना एवं शाला पहुँच मार्गों का कोई सर्वेक्षण या मूल्यांकन कराया गया है? यदि हाँ, तो उसका विवरण क्या है? वर्तमान में जिले में ऐसे कितने विद्यालय हैं, जिनके पहुँच मार्ग नहीं हैं अथवा अत्यंत जर्जर स्थिति में हैं? साथ ही, कितने विद्यालय भवन जर्जर अथवा अनुपयोगी घोषित किए गए हैं और उनके पुनर्निर्माण अथवा मरम्मत के लिए क्या कोई समयबद्ध कार्ययोजना बनाई गई है?

जिसके लिखित उत्तर में स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने बताया कि कबीरधाम जिले के विद्यालयों की अधोसंरचना एवं शाला पहुँच मार्गों का कोई सर्वेक्षण अथवा मूल्यांकन नहीं कराया गया है। वर्तमान में जिले में 21 विद्यालय ऐसे हैं, जिनके पहुँच मार्ग नहीं हैं अथवा अत्यंत जर्जर स्थिति में हैं। वहीं जिले में कुल 106 विद्यालय भवन जर्जर अथवा अनुपयोगी घोषित किए गए हैं।

IMG 20250811 172353
Manish Tiwari

Show More

Related Articles

Back to top button