CM विष्णु देव साय की बड़ी बैठक : जनजातीय विकास को नई गति, ‘नियद नेल्ला नार 2.0’ जल्द लागू करने की तैयारी

रायपुर, 30 अप्रैल 2026। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय, महानदी भवन में आयोजित छत्तीसगढ़ जनजातीय सलाहकार परिषद की बैठक में जनजातीय समुदाय के सर्वांगीण विकास को लेकर व्यापक समीक्षा की गई। बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए और विकास योजनाओं को तेज़ी से लागू करने पर जोर दिया गया।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर जैसे विशाल और संवेदनशील क्षेत्र, जो लंबे समय तक विकास से वंचित रहे, अब तेजी से विकास की मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का प्रभाव अब जमीनी स्तर पर दिखने लगा है।
बैठक में जनजातीय संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण पर विशेष जोर दिया गया। देवगुड़ी और सरना स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा अवैध अतिक्रमण पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
मुख्यमंत्री ने बताया कि “धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना” के तहत प्रदेश के 6600 गांवों में शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है। वहीं पीएम जनमन योजना के अंतर्गत 32 हजार आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं।
“नियद नेल्ला नार योजना” की सफलता को देखते हुए इसके अगले चरण “नियद नेल्ला नार 2.0” को जल्द लागू करने की घोषणा की गई। इस योजना के तहत दूरस्थ क्षेत्रों में बिजली, पानी, सड़क और राशन जैसी बुनियादी सुविधाओं का और विस्तार किया जाएगा।
“मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर योजना” के अंतर्गत 36 लाख लोगों की स्वास्थ्य जांच का कार्य जारी है। साथ ही जनजातीय भूमि के दीर्घकालीन लीज मामलों की जांच के निर्देश भी दिए गए।
शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए छात्रावासों की सीट बढ़ाने, बेहतर रखरखाव और शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। नक्सल मुक्त क्षेत्रों में बच्चों के लिए त्वरित शिक्षण व्यवस्था विकसित करने और खुले में कक्षाएं न लगाने के निर्देश भी दिए गए।
अम्बिकापुर नेशनल हाईवे निर्माण की धीमी प्रगति पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताते हुए कार्यों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए।
आदिम जाति विकास विभाग के मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि नक्सलवाद समाप्त होने के बाद अब जनजातीय क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति मिली है और योजनाएं तेजी से जमीन पर उतर रही हैं।
बैठक में उप मुख्यमंत्री अरुण साव, वन मंत्री केदार कश्यप सहित कई मंत्री, विधायक, वरिष्ठ अधिकारी और परिषद के सदस्य उपस्थित रहे।



