
बड़ी खबर | नक्सल मोर्चे पर बड़ा झटका
जगदलपुर/तेलंगाना, 25 अप्रैल 2026। नक्सल मोर्चे पर सुरक्षा एजेंसियों को बड़ी सफलता मिली है। तेलंगाना में 47 माओवादियों ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है। इस सामूहिक सरेंडर को नक्सल संगठन के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है, जिससे दक्षिण बस्तर डिवीजनल कमेटी (DVC) लगभग खत्म होने की स्थिति में पहुंच गई है।
इस सरेंडर की अगुवाई दो बड़े नक्सली नेताओं—हेमला आयथु उर्फ विज्जा (DVC प्रभारी) और पोडियम लाचू उर्फ मनोज (9वीं बटालियन कमांडर)—ने की। समर्पण करने वालों में 1 SCM स्तर का नेता, 3 DVCM/CyPCM सदस्य, 24 ACM/PPCM कैडर और 19 पार्टी सदस्य शामिल हैं।
हथियारों का बड़ा जखीरा बरामद
सरेंडर के साथ नक्सलियों ने 32 हथियार और 515 जिंदा कारतूस सौंपे। इनमें 1 LMG, 4 AK-47, 3 SLR, 2 INSAS राइफल, 12 सिंगल शॉट गन, 2 पिस्टल/रिवॉल्वर और 2 BGL गन शामिल हैं। साथ ही 100 किलो कोर्डटेक्स वायर भी मिला, जिसका उपयोग विस्फोटकों में किया जाता है।
पुनर्वास नीति के तहत मिलेगी मदद
सरकार की पुनर्वास नीति के तहत आत्मसमर्पित नक्सलियों को करीब 1.5 करोड़ रुपये की सहायता दी जाएगी। छत्तीसगढ़ के मूल निवासियों को 25-25 हजार रुपये की तत्काल राहत भी प्रदान की गई है।
2026 में अब तक 260 नक्सलियों का सरेंडर
तेलंगाना पुलिस के अनुसार, इस साल अब तक 260 नक्सली आत्मसमर्पण कर चुके हैं। अब केवल 4 तेलंगाना मूल के सक्रिय नक्सली अन्य राज्यों में बचे हैं। पुलिस ने बड़े नक्सली नेताओं से भी हिंसा छोड़ मुख्यधारा में लौटने की अपील की है।
नक्सलवाद खत्म होने की ओर—अमित शाह
केंद्रीय गृहमंत्री Amit Shah ने पहले कहा था कि बस्तर में नक्सलवाद लगभग समाप्ति की ओर है और विकास तेजी से पहुंच रहा है। उन्होंने साफ कहा—“जो हथियार उठाएगा, उसे इसकी कीमत चुकानी होगी।”



