Chandrayaan-3: चंद्रयान-3 चांद के सीने पर हिंदुस्तान का तिरंगा लहराने के बेहद करीब पहुँचा, आज चंद्रयान लगाएगा बड़ी छलांग

इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गनाइजेशन (इसरो) का चंद्रयान-3 चांद के सीने पर हिंदुस्तान का तिरंगा लहराने के बेहद करीब पहुंच चुका है. फिलहाल यह चंद्रमा के चक्कर 174 km x 1437 km के ऑर्बिट में काट रहा है. 14 अगस्त चंद्रयान-3 के लिए बड़ा दिन है. इसरो चंद्रयान-3 को सुबह करीब 11.30 बजे से 12.30 बजे के बीच चंद्रमा की निचली कक्षा में भेजेगा. वैज्ञानिक बेंगलुरु में बैठकर मैनूवर को अंजाम देंगे.
14 जुलाई को चंद्रयान-3 लॉन्च किया गया था. चंद्रमा पर 23 अगस्त को इसकी सॉफ्ट लैंडिंग होनी है. बता दें कि चांद के लिए रूस ने भी अपना मिशन लॉन्च किया है, जिसना नाम लूना-25 है. माना जा रहा है कि यह चंद्रयान-3 से पहले लैंड करेगा.
दरअसल चंद्रयान चांद पर जाने के लिए उसके और धरती के गुरुत्वाकर्षण का फायदा उठाना चाहता है. इस कारण से कम ईंधन पर यह सफर पूरा होगा. बता दें कि चंद्रयान-3 मिशन सफल होने के बाद भारत अमेरिका, सोवियत संघ और चीन जैसे देशों की लिस्ट में शामिल हो जाएगा.भारत और रूस दोनों चांद के दक्षिणी ध्रुव पर उतरने की रेस में हैं. शुक्रवार सुबह (भारतीय समयानुसार) लॉन्च किए गए रूसी अंतरिक्ष यान को चंद्रमा के आसपास की यात्रा करने में लगभग 5.5 दिन लगेंगे. लूना-25 के चंद्र कक्षा में जाने और आखिर में चंद्रमा की सतह पर उतरने से पहले धरती के चारों ओर एक कक्षा में प्रवेश करने की उम्मीद है.
मिशन के आगे बढ़ने के साथ ही चंद्रयान-3 की कक्षा को धीरे-धीरे कम करने और इसकी स्थिति चंद्र ध्रुवों के ऊपर करने के लिए इसरो सिलसिलेवार कवायद कर रहा है. इससे पहले इसरो के अध्यक्ष एस. सोमनाथ ने सोमवार को कहा कि चंद्रयान-3 अच्छी हालत में है और इसका सबसे अहम चरण कक्षा निर्धारण प्रक्रिया होगी, जब अंतरिक्षयान 100 किलोमीटर की वृत्ताकार कक्षा से चंद्रमा के करीब जाना शुरू करेगा.
उन्होंने कहा कि चंद्रयान-2 से मिला अनुभव बहुत अहम साबित हो रहा है क्योंकि स्पेस एजेंसी ने चंद्रमा पर एक स्पेसक्राफ्ट उतारने की कोशिश की थी. 2019 में यह अभियान आंशिक रूप से सफल रहा था.



